खुटार (शाहजहांपुर)। शाहजहांपुर-पलिया हाईवे निर्माण में आड़े आ रहे एक भवन काे जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया। कुछ किसानों के खेतों पर खड़ी फसल में भी जेसीबी चलवाकर जमीन को एनएचएआई के सुपुर्द कर दिया गया।
शाहजहांपुर-पलिया हाईवे पर पैना से खुटार तक निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। मैलानी रोड पर गांव कुसमा में उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर निवासी धर्मवीर सिंह मित्तल की भूमि है। उनकी जमीन पर भूतल पर व्यावसायिक भवन बना था, लेकिन उसमें कोई व्यावसायिक कार्य नहीं किया जा रहा था। भवन खाली पड़ा था।
इस भवन के कारण हाईवे निर्माण के काम में बाधा पड़ रही थी। नायब तहसीलदार जगत मोहन जोशी ने बताया कि धर्मवीर सिंह मित्तल वाले गाटा की कृषि भूमि का मुआवजा पहले से ही दिया जा चुका है, लेकिन हाईवे निर्माण शुरू होते ही धर्मवीर सिंह मित्तल व्यावसायिक जमीन के हिसाब से मुआवजे की मांग करने लगे। मुआवजा न मिलने पर धर्मवीर सिंह मित्तल कोर्ट गए थे। कोर्ट ने हाईवे से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। इसके बावजूद भी धर्मवीर सिंह मित्तल ने जगह खाली नहीं की।
शुक्रवार को एनएचआई के भूमि अधिग्रहण अधिकारी यशवंत सिंह, हाईवे कंसल्टेंट टीम के अनवर अली, उपेंद्र कुमार सिंह, अमरेंद्र नारायण, नायब तहसीलदार जगतमोहन जोशी, कानूनगो अरुण कुमार मिश्रा, लेखपाल गौतम कुमार, थाना प्रभारी श्यामवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी से भवन को गिराकर मलबा हटा दिया।
धर्मवीर सिंह मित्तल ने बताया कि उन्हें अपनी जमीन का मुआवजा मिल चुका है, लेकिन मां की हालत गंभीर होने पर वह काफी समय से दिल्ली में इलाज करा रहे हैं। इस कारण वह भवन को नहीं हटवा पाए। उन्हें बिना सूचना दिए ही भवन को ध्वस्त कर दिया गया है।
किसानों के खेत में चली जेसीबी, रसूखदार को बख्शा
गांव नगरा निवासी प्रमोद वर्मा, रणंजय वर्मा, बलराम वर्मा की जमीन भी हाईवे के लिए अधिगृहीत की गई है। मुआवजा नहीं मिलने के कारण किसानों ने जमीन नहीं दी थी और गेहूं बो रखा है। प्रमोद वर्मा ने बताया कि एनएचएआई ने उसकी आठ डिस्मिल जमीन अधिगृहीत की है, मुआवजा सवा डिसमिल का ही किया जा रहा है। हाईवे बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन अब तक मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने गेहूं बो रखा था। टीम ने पहुंचकर उनके साथ ही रणंजय वर्मा, बलराम वर्मा की फसल को जेसीबी से रौंद कर जमीन कब्जे में ले ली।
खास बात यह है कि नरायनपुर विक्रमपुर क्षेत्र में एक नेता की जमीन भी अधिगृहीत की गई है, लेकिन नेता की जमीन की फसल को नहीं रौंदा गया और जमीन पर कब्जा भी नहीं लिया गया। यहां जमीन पर कब्जा लेने की खानापूरी की गई।
नगरा निवासी प्रमोद वर्मा की जमीन की मुआवजा राशि स्वीकृत हो चुकी है। दो- चार दिन में किसान को मिल जाएगी। खुटार बंडा रोड की जमीन स्टेट हाईवे में फंस रही है, वहां पर दूसरा पक्ष मौजूद नहीं था। हल्का लेखपाल भूमि का सीमांकन सही से नहीं बता पाया। इस कारण पैमाइश नहीं हो सकी। जल्द ही जमीन का सीमांकन कर कब्जामुक्त कराया जाएगा। धर्मवीर सिंह मित्तल को मुआवजा मिलने के बाद भी जगह खाली न करने पर भवन को कोर्ट के आदेश पर गिराया गया है।
-जगतमोहन जोशी, नायब तहसीलदार, खुटार
खुटार के गांव कुसुमा में हाइवे निर्माण में बाधा बन रहे भवन को ढहाती जेसीबी। संवाद- फोटो : 1