जलालाबाद (शाहजहांपुर)। हरदोई के थाना पचदेवरा के गांव रसूलापुर में 20 दिन पहले भैंस को कुत्ते ने काट लिया। भैंस की हालत बिगड़ने पर उसका दूध पी रहे परिवार के लोग रैबीज फैलने की आशंका से घबरा गए। सीएचसी पहुंचकर परिवार के नौ लोगों को एंटी रैबीज वैक्सीन लगवानी पड़ी।
कमलेश ने बताया कि करीब 20 दिन पहले उनकी भैंस को एक कुत्ते ने काट लिया। दवा दिलवाने के बाद भैंस ठीक हो गई। तीन दिनों से उस भैंस ने चारा-पानी छोड़ दिया और रस्सी तोड़ने का प्रयास करने लगी। पशु चिकित्सक ने देखने के बाद भैंस को रैबीज संक्रमित हो जाने का शक जताया।
भैंस का दूध परिवार के सभी लोग पीते आ रहे थे। इससे वे लोग घबरा गए। सीएचसी में डॉक्टर की सलाह लेकर कमलेश के अलावा परिवार के मीरा, माया, सचिन, राजू, अजीत, दिव्यांशी व कल्पना समेत नौ लोगों ने एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाई।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. सोमेश्वर अग्निहोत्री ने बताया कि रैबीज लार के माध्यम से ही फैलता है। रैबीज संक्रमित जानवर का दूध पीने से रैबीज फैलने की आशंका न के बराबर होती है। फिर भी एहतियातन एंटी रैबीज लगवाने की सलाह दी जाती है।