दौराने मुकदमा दो आरोपियों की हो चुकी है मौत
- मीरानपुर कटरा में वर्ष 2007 में हुए जानलेवा हमले में अदालत ने सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। वर्ष 2007 में मुकदमेबाजी की रंजिश को लेकर मीरानपुर कटरा क्षेत्र के ग्रामीण पर गोली मारकर जानलेवा हमला किया गया था। इस मामले में सोमवार को अदालत ने फैसला सुना दिया है। अपर जिला जज बाबू प्रसाद ने मामले के दो आरोपियों को आठ-आठ साल की सजा सुनाई है। साथ ही चार-चार हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान इस मामले के दो आरोपियों की मौत हो चुकी है।
थाना मीरानपुर कटरा क्षेत्र के गांव गोकुलपुर नवदिया निवासी विजय सिंह ने अपने भाई चक्रपाल पर जानलेवा हमला करने वाले गांव के ही धनपाल, बाबू, मलखान और रघा के खिलाफ 29 अगस्त 2007 को थाना कटरा में जानलेवा हमले के आरोप की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि इसी दिन वह और उसका भाई खेत जोतने को ट्रैक्टर लेने के लिए गांव बेहटा जा रहे थे। रास्ते में छह बजे चारों आरोपी असलहे लेकर आए और कहा कि मार दो। इसी पर धनपाल ने रायफल से चक्रपाल को गोली मार दी, जिससे वह घायल हो गया। घटना मुकदमेबाजी की रंजिश को लेकर हुई थी।
अदालत ने इस मामले में गवाहों के बयानात और सरकारी वकील मदन पाल सिंह के तर्कों को सुनने के बाद आरोपी धनपाल, बाबू को दोषी पाते हुए उन्हें आठ-आठ साल की सजा और चार-चार हजार रुपये जुर्माना अदा करने के आदेश दिए हैं। दौरान-ए-मुकदमा इस मामले के आरोपी मलखान और रघा की मौत हो चुकी है।