स्नातक कक्षाओं की प्रवेश प्रक्रिया रही बेनतीजा
- विश्वविद्यालय की स्थिति भांपते हुए महाविद्यालयों में फार्मों की बिक्री शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। स्नातक कक्षाओं में प्रवेश की स्थिति स्पष्ट नहीं होने से महाविद्यालय ऊहापोह में फंस गए हैं। हालांकि नगर के सभी महाविद्यालयों ने अपनी स्थिति मजबूत रखने के लिए प्रवेश फार्म की बिक्री शुरू कर रखी है, लेकिन विश्वविद्यालय से अभी भी उन्हें कोई ठोस निर्णय प्राप्त नहीं हो सका है।
गौरतलब है कि इस बार शासन के निर्णयानुसार एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने भी प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन करने की घोषणा यूपी बोर्ड का इंटर परीक्षाफल घोषित होने से पहले ही कर दी थी। विश्वविद्यालय की आधी-अधूरी तैयारियों के बीच हुई घोषणा से महाविद्यालय तो ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए तैयार बैठे ही थे, साथ ही छात्र-छात्राओं ने भी रजिस्ट्रेशन आरंभ होने का इंतजार शुरू कर दिया था।
निर्धारित तिथि निकलने के बाद विश्वविद्यालय ने शासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हुए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अनुमति मांगी। बाद में पता चला कि विश्वविद्यालय के पास साफ्टवेयर ही नहीं है, जिससे प्रवेशार्थियों के रजिस्ट्रेशन शुरू हो पाते। बाद में एक बार फिर पुरानी व्यवस्था के तहत ही प्रवेश किए जाने की बात सामने आई। अब फिर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुगबुगाहट होने लगी है। बताया जाता है कि विश्वविद्यालय ने फिर शासन को फाइल भेजकर अनुमति मांगी है।
उधर, विश्वविद्यालय के ढुलमुल रवैये को देखते हुए महाविद्यालयों ने प्रवेश फार्म बेचने का सिलसिला स्वत: ही शुरू कर दिया है। इस संबंध में एसएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया बहुत लंबी है। सभी छात्रों का डेटाबेस तैयार करना होता है। अत्याधिक छात्र होने के कारण अन्य व्यवस्थाएं भी जुटाना आसान काम नहीं है। फिलहाल वह विश्वविद्यालय के निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उम्मीद है कि एक-दो दिन में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।