जर्जर घोषित हो चुके स्कूल भवन में हो रही पढ़ाई
- स्कूल परिसर में मिट्टी निकालकर बनाया गहरा गड्ढा
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। क्षेत्र के गांव उमरिया कल्यानपुर का प्राथमिक स्कूल का भवन जर्जर घोषित किया जा चुका है। शिक्षक को लिखकर दिया जा चुका है कि स्कूल में बच्चों को स्कूल भवन में बिठाकर न पढ़ाया जाए, यदि ऐसा किया गया और कोई हादसा हुआ तो इसके लिए शिक्षक को जिम्मेदार समझा जाएगा। इसके बाद भी बच्चे स्कूल परिसर में पढ़ाई कर रहे हैं। जिससे 55 बच्चों की जान खतरे में है, पर विभागीय अधिकारी अंजान हैं।
उमरिया कल्यानपुर के प्राथमिक स्कूल की छत से प्लास्टर छूटकर नीचे गिरने पर शिक्षकों ने मामले की शिकायत अधिकारियों से की थी। बाद में स्कूल भवन की जांच कर इसे जर्जर घोषित कर दिया गया था, लेकिन बच्चों की पढ़ाई के लिए दूसरे स्थान की कोई व्यवस्था नहीं की गई। मात्र शिक्षक को चेतावनी पत्र देकर अधिकारी चुप बैठ गए। शिक्षक ने बच्चों को भवन से बाहर परिसर में पढ़ाना शुरू कर दिया। सर्दी, गर्मी में बच्चों को बाहर ही बैठना पड़ता है। बारिश में बच्चे घरों को चले जाते हैं। बड़ा सवाल है कि कभी भवन ढहा तो उसका मलबा दूर तक जाएगा, ऐसे में कोई बच्चा मलबे की चपेट में आ गया तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी?
इसके अलावा गांव के लोग भी स्कूल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से बाज नहीं आ रहे। स्कूल में मिट्टी निकाले जाने से परिसर में गहरा गड्ढा बन गया है। इससे कभी भी हादसा हो सकता है। इसके अलावा शौचालय के दरवाजे तक खड़ी झाड़ियों में सांप आदि रहने के कारण भी बच्चों को खतरा बना हुआ है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
गांव उमरिया कल्यानपुर के स्कूल भवन के जर्जर घोषित होने की मुझे जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो स्कूल भवन का मुआयना कर रिपोर्ट अधिकारियों को भेजेंगे।
- सुरेश पाल, बीईओ पुवायां
स्कूल भवन जर्जर घोषित है। इसकी पूरी फाइल मेरे पास है। सावधानी बरतते हुए बच्चाें को भवन से दूर परिसर में बिठाकर पढ़ाई कराई जाती है। शौचालय की सफाई के लिए प्रधान को पत्र दिया गया है। गड्ढा भी भरवाया जाएगा।
- कमलेश यादव शिक्षक प्रा. स्कूल उमरिया कल्यानपुर