शाहजहांपुर। पति और ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत लेकर महिला थाने पहुंची न्यू चर्च कॉलोनी की रहने वाली आठ माह की गर्भवती सीतू सक्सेना को ही पुलिस कर्मियों ने थाने में बैठा लिया। उस पर दबाव बनाया गया कि वह मुकदमा न लिखाए, बल्कि उसका समझौता करा दिया जाएगा। पति के आने के इंतजार करते हुए रात से सुबह हो गई, उसी बीच सीतू की हालत बिगड़ गई। पुलिस के हाथ-पैर फूल गए और तब उसे लेकर जिला अस्पताल ले जाया गया। फिर मामला बढ़ता देख थाने वालों ने ही प्रयास करके दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया।
सीतू एक प्रार्थना पत्र लेकर शुक्रवार सुबह महिला थाने पहुंची थी। इसमें सीतू का कहना है कि कमलेश सक्सेना ने अपने प्रेमजाल में फंसाकर शादी कर ली। कुछ समय तो ठीक रहा, मगर बाद में दहेज में बाइक और 50 हजार रुपये लाने के लिए उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। बात न बनने पर उसे दूसरे गलत काम करने को मजबूर भी किया गया, वह नहीं मानी तो भूखा रखा गया। रोजा थाना पुलिस ने शिकायत पर राजीनामा करा दिया, मगर ससुराल वाले और पति उससे रंजिश मानने लगे। तब उसने पति कमलेश से लखनऊ चलकर कामकाज करने को किसी तरह मना लिया, मगर वहां वह दिखावा ही करता रहा। रोजाना सुबह घर से निकलता और शाम को खाली हाथ वापस आ जाता। दस-बारह दिन पहले वह बहाने से ही गया और फिर लौटा ही नहीं। इस पर वह बृहस्पतिवार को ससुराल लौटी और मदद मांगी। हुआ उल्टा, उसे गालियां देते हुए भगा दिया गया।
इस प्रार्थना पत्र को पढ़ने के बाद थाने के पुलिस कर्मियों ने राजीनामा कराने की बात करके सीतू की सास को थाने बुला लिया। उससे कमलेश को बुलाने के लिए कहा गया। कमलेश के इंतजार में अगला दिन शनिवार आ गया। सुबह को उसकी हालत बिगड़ गई, उल्टियां और पेट में दर्द होने लगा। यह हालत देखकर पुलिस वाले उसे अस्पताल लेकर भागे। एएसपी देहात मामला पता लगने पर जिला अस्पताल पहुंचे और सीतू से बात की और थाना पुलिस को सीतू की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने को कहा। इस बीच एएसपी सिटी को मामले की जांच भी वरिष्ठ अधिकारियों ने दे दी। इससे मामला बढ़ता देख महिला थाना पुलिस समझौता कराने में जुट गई। एएसपी सिटी ने बताया कि समझौता हो गया है, सीतू अब ससुराल में ही रहेगी। उसने भी लिखकर दे दिया है।