शाहजहांपुर। फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के करीब दो साल पुराने बहुचर्चित मामले में शस्त्र अनुभाग में फर्जी प्रविष्टियों के कारण जांच के दायरे में आए 195 लाइसेंसियों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर दोबारा अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। प्रभारी अधिकारी शस्त्र/ सिटी मजिस्ट्रेट ने संबंधित शस्त्र धारकों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जिले के विभिन्न श्रेणियों के करीब 44 हजार लाइसेंसी शस्त्र धारक हैं। यह सभी नियमानुसार अपने लाइसेंसों का नवीनीकरण कराते रहे। करीब दो वर्ष पहले कुछ लाइसेंसियों को नवीनीकरण प्रक्रिया के दौरान शस्त्र अनुभाग कार्यालय से बताया गया कि उनके लाइसेंस क्रमांक के आगे अंग्रेजी का ए अक्षर अंकित कर लाइसेंस का ब्यौरा दर्ज है और मूल लाइसेंस क्रमांक किन्हीं अन्य लोगों को जारी कर दिए गए हैं। चूंकि, शस्त्र अनुभाग कार्यालय के अभिलेखों में हेराफेरी उजागर हुई। इसलिए मामला तत्कालीन डीएम शुभ्रा सक्सेना के संज्ञान में आने पर उन्होंने शस्त्र लाइसेंसों में फर्जीवाड़ा की जांच के लिए तत्कालीन एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित कर दी।
तीन सदस्यीय जांच समिति में तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम सदर भी शामिल किए गए। अधिकारियों ने शस्त्र अनुभाग के अभिलेखों की जांच में फर्जी प्रविष्टियों वाले कुल 204 मामले चिन्हित किए गए। इससे कार्यालय के कर्मचारियों में खलबली मची तो रिकार्ड गायब करने का प्रयास किया गया। इसके लिए कड़े पहरे से घिरे कलक्ट्रेट कैंपस में शस्त्र कार्यालय के ताले तोड़ने का प्रयास किया गया। जांच आगे बढ़ी तो नौ शस्त्र लाइसेंस नियमित और 195 फर्जी पाए गए। शस्त्र लिपिक चंद्र प्रकाश को निलंबित कर सदर कोतवाली में मामले की एफआईआर भी कराई गई। इस प्रकरण में पुलिस विवेचक ने फर्जी प्रविष्टियों से संबंधित लाइसेंसियों से कुछ समय तक पूछताछ की, लेकिन बाद में मामला ठंडा पड़ गया।
दरअसल, पुलिस जांच से कोई राहत नहीं मिलने पर कुछ लाइसेंसियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर शस्त्र लाइसेंसों का नवीनीकरण कराने की गुहार लगाई। याचिका पर सुनवाई कर हाईकोर्ट ने 13 जुलाई 2016 को प्रदेश सरकार व अन्य को आदेश दिया कि फर्जी प्रविष्टियों के मामले में संबंधित शस्त्र लाइसेंसियों को नए सिरे से सुनवाई का अवसर दें। सिटी मजिस्ट्रेट के अनुसार आदेश के अनुपालन संबंधित शस्त्र लाइसेंसियों को एक बार पहले भी साक्ष्य प्रस्तुत करने के नोटिस जारी हो चुके हैं। अब न्यायिक आदेश पर यह प्रक्रिया पुन: दोहराई जा रही है।
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फर्जी प्रविष्टियों वाले शस्त्र लाइसेंसों का थाना वार विवरण
थाना शस्त्र
चौक कोतवाली 04
रोजा 02
सेहरामऊ दक्षिणी 02
तिलहर 16
रामचंद्र मिशन 03
सिंधौली 17
कलान 01
निगोही 16
बंडा 37
सदर कोतवाली 03
गढिय़ा रंगीन 01
जैतीपुर 10
मीरानपुर कटरा 08
खुटार 22
खुदागंज 16
पुवायां 02
कांट 15
जलालाबाद 03
परौर 03
अन्य 23
पकड़े जा चुके हैं फर्जी लाइसेंस बनाने वाले
शाहजहांपुर। थाना सिंधौली पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने 30 अगस्त 2017 को क्षेत्र के गांव महोलिया मुंडी निवासी अमर सिंह के घर दबिश देकर फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार कर 13 फर्जी लाइसेंस से लिए गए शस्त्र बरामद किए थे। यह लोग 35-35 हजार रुपये लेकर फर्जी तरह से शस्त्र लाइसेंस बनाने के खेल में जुटे हुए थे।