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आईएफएस एके जैन की मौत का मामला: हत्या या हादसा: गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

Sun, 15 Jul 2018 12:19 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,शाहजहांपुर
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यूपी पुलिस
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सड़क हादसे में हुई आईएफएस अधिकारी एके जैन की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस ने शनिवार को अस्पताल तक पहुंचाने वाले एंबुलेंस चालक को खोज निकाला है अब उसे कोतवाली बुलाकर पुलिस घटना से जुड़े बिंदुओं पर पूछताछ करेगी। ताकि हादसा और हत्या के बीच उलझी मौत की गुत्थी पर स्थिति स्पष्ट हो सके। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एंबुलेंस पर लिखे मोबाइल नंबर से पुलिस एंबुलेंस चालक के करीब पहुुुंची है। उधर, जैन के परिजन पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।
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कोतवाल अशोक पाल सिंह ने बताया कि वह शुक्रवार शाम वह शाहजहांपुर स्थित कनौजिया नर्सिंग होम पर गए थे, वहां पर लगभग एक घंटे तक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को देखा। इस दौरान एंबुलेंस से घायलों को निकालते ले जाते तो प्रतीत हो रहा था लेकिन गाड़ी के चालक व गाड़ी की पहचान नहीं हो सकी। बाद में पता चला कि घायलों को इससे पहले डॉ. परविंदर के अस्पताल में लाया गया था। इस आधार पर डॉक्टर परविंदर के यहां सीसीटीवी फुटेज को देखा गया। जिसमें एंबुलेंस पर लिखे एक मोबाइल नंबर के आधार पर एंबुलेंस चालक की पहचान हो सकी है। बताया कि एंबुलेंस चालक बरेली का रहने वाला है जिसका नाम संजू गुप्ता है। चालक को पूछताछ के लिए दर शाम तिलहर लाया गया है,जहां उससे पूछताछ शुरू कर दी गई है।

एंबुलेंस चालक ने ये बताया
एंबुलेंस चालक संजू गुप्ता ने पुलिस को बताया कि वह सबसे पहले घायलों को गुरुनानक अस्पताल ले गया था वहां डॉ. परविंदर ने जवाब दे दिया। इसके बाद डॉक्टर कनौजिया अस्पताल में पहुंचा यहां पर रसोइए को इलाज के लिए रोक लिया गया जबकि जैन को जिला अस्पताल ले ले जाने के लिए कह दिया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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बरेली जाकर घायल रसोइया के भी लिए बयान

रसोइया संजीव के बयान के मुताबिक मंगलवार की शाम लगभग चार बजे जैन का फोन आगरा से आया था। उन्होंने अगली सुबह लखनऊ चलने के लिए कहा था। बकौल संजीव ने उनसे कहा कि उसकी बहन की डिलीवरी होने वाली है, इसलिए वह अभी जाने में असमर्थ हैं। इस पर जैन ने उससे कहा कि वह कल उसके साथ लखनऊ चले, बाद में दो-चार दिन में उसे वापस घर भेज देंगे। इस बात पर संजीव सहमत हो गया। संजीव ने बताया कि बुधवार को सुबह करीब 3:30 बजे जैन बरेली आ गए। उन्होंने मोबाइल पर बताया कि वह आ चुके हैं, तैयार होकर आ जाए। संजीव ने बताया कि वह जब गाड़ी के समीप पहुंचा तब चालक नाजिम नींद में था और ड्राइवर सीट पर सिर रखकर सो रहा था। तब जैन ने उससे कहा कि तुम चाय बना दो और ड्राइवर को कुछ आराम करने के बाद यहां से चलेंगे। संजीव ने बताया कि चालक नाजिम को वह घर ले आया और आधे घंटे तक वह सोता रहा। उसके बाद चाय पीकर हम तीनों लोग लखनऊ से लिए चल दिए। संजीव ने बताया कि ड्राइवर ने सीट बेल्ट लगा रखी थी और उसने भी सीट बेल्ट लगा ली। घटना के समय से पहले उसे भी कुछ नींद आने लगी घटना अचानक कैसे घट उसे कुछ नहीं पता है।
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