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झमाझम बरसात से नदियों में बाढ़ की आशंका, प्रशासन हुआ अलर्ट

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चार दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा
झमाझम बारिश से नदियों में बाढ़ की आशंका, प्रशासन अलर्ट
0 24 घंटे में 183 मिमी बारिश से गर्रा 35 और खन्नौत 30 सेमी चढ़ी
0 भैसार बांध पर गंगा और चौबारी में रामगंगा में पानी की बढ़ोतरी
फोटो 06 में।
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। मानसून की लगातार हो रही झमाझम बरसात से जिले की कलान और जलालाबाद में गंगा और रामगंगा नदियों केे किनारे बसे करीब चार दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। पिछले 24 घंटे के दौरान 183 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई है और इसके बाद भी शाम तक रुक-रुककर बरसात होती रही। बारिश के असर से गर्रा, खन्नौत, गोमती आदि स्थानीय नदियां भी अपने दायरे से बाहर फैलाव लेने लगी हैं। चूंकि, विगत वर्षों में बाढ़ विकराल रूप लेकर तटवर्ती गांवों के हजारों ग्रामीणों को विस्थापन को मजबूूर कर चुकी है। इसलिए प्रशासन भी बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने की तैयारी में जुट गया है। प्रशासन ने मदद के लिए सेना और पीएसी से समन्वय बनाने के साथ सभी 71 बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है।
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फोटो 07 व 10 में।
अजीजगंज में गिरा नीम का पेड़, यूनुस खेल में पुलिया ध्वस्त
लगातार कभी हल्की तो कभी तेज बारिश से मिट्टी नम होने के कारण पुराने पेड़ अपनी जड़ें छोड़ने लगे हैं। शनिवार को सुबह बारिश की रिमझिम फुहारों के दौरान हवा धीमी रहने के बावजूद अजीजगंज में नीम का एक पुराना पेड़ जड़ से उखड़कर धराशायी हो गया। गनीमत यह रही कि उस वक्त बारिश से बचने को नीम के नीचे खड़े लोग पेड़ से चरमराने की आवाज होते ही वहां से दूूर भाग खड़े हुए अन्यथा कोई भी हादसा हो सकता था। उधर, घनी आबादी वाले मोहल्ला यूनुस खेल में नाले पर बनी पुरानी पुलिया ध्वस्त हो जाने से क्षेत्रवासियों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
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फोटो 08 व 09 में।
गर्रा पुल के पास सड़क धंसी, गांधी भवन में गिरी सीलिंग
दो साल पहले शहर में गर्रा नदी पर बने नए पुल के लोकार्पण से पहले एप्रोच रोड बनाने में की गई जल्दबाजी के कारण मिट्टी का भराव ठीक से नहीं किया और न ही डाली गई मिट्टी की कुटाई की गई। नतीजा यह हुुआ कि भारी वर्षा के दौरान गर्रा पुल स्थित हनुमान प्रतिमा के पास सड़क धंस गई। पुल से कोई भारी वाहन गुजरने पर उसके वहां फंसने पर जाम लगने की आशंका पैदा हो गई है। इधर, गांधी भवन प्रेक्षागृह में छत पर लगी सीलिंग का एक हिस्सा नमी के कारण छूटकर नीचे आ गिरा, लेकिन सम्मेलन में आए बसपा कार्यकर्ता सीलिंग की चपेट में आने से बच गए।
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जुलाई 2010 में हो चुकी 500 मिमी रिकार्ड बारिश
मौसम विभाग के अनुुसार मानसून सामान्य होने की दशा में जुलाई माह में 327 मिमी औसत वर्षा होनी चाहिए। चालू माह में अब तक 418 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि जुलाई बीतने में 17 दिन शेष बचे हैं। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार वर्ष 2010 में जुलाई माह में सर्वाधिक 500 मिमी से अधिक वर्षा हुई थी। इस बार बारिश का दौर ऐसे ही चलता रहा तो वर्ष 2010 का वर्षा कीर्तिमान टूटना तय है। उल्लेखनीय है कि वर्ष वर्ष 2010 में नरौरा बैराज से गंगा में रिलीज हुए 6.10 लाख क्यूसेक पानी से दोनों तहसीलों के तमाम तटवर्ती गावों में बाढ़ से व्यापक तबाही हुई थी। यही कारण है कि इस बार बारिश के तेवर देखते प्रशासन ज्यादा सजग है।
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बैराजों से गंगा-रामगंगा में 23425 क्यूसेक पानी छोड़ा गया
सिंचाई विभाग नियंत्रण कक्ष में तैनात तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र के अनुसार नरौरा से एक लाख क्यूसेक अथवा इससे अधिक पानी रिलीज होने पर गंगा में बाढ़ की स्थिति पनपती है। उन्होंने बताया कि नरौरा से गंगा में 22817 क्यूसेक और हरेली, खो, रामनगर, किच्छा आदि बैराजों से रामगंगा में 608 क्यूसेक पानी रिलीज होने से दोनों नदियां सामान्य बहाव पर हैं, लेकिन बारिश का पानी सिमटने से इन दोनों नदियों में धीमी गति से बढ़ना शुरू हो गया है।
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नदियों में खतरे का स्तर, उच्चतम बहाव स्तर और वर्तमान स्थिति (मीटर में)
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नदी खतरे का निशान हाई फ्लड लेवल वर्तमान स्तर
0 गंगा (भैंसार) 143.00 144.10 140.05
0 गंगा (कछला) 162.00 164.30 160.85
0 रामगंगा (चौबारी) 160.50 163.07 157.99
0 गर्रा 148.50 149.80 144.15
0 खन्नौत 146.50 146.75 142.65
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