शाहजहांपुर। राजकीय वाहन चालक महासंघ के प्रांतीय आह्वान पर पर जिले के राजकीय वाहन चालकों ने विभिन्न मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह परिसर से शांति मार्च निकालकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। बाद में उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर वर्तमान वेतन भत्तों में संशोधन समेत पुरानी पेंशन योजना बहाल किए जाने की मांग की।
इससे पहले, गेस्ट हाउस परिसर मेें सभा करके महासंघ की जिला शाखा के पदाधिकारियों ने 12 सूत्री मांग पत्र पर विस्तृत चर्चा करके मांगों की शासन स्तर पर उपेक्षा किए जाने पर क्षोभ व्यक्त किया। महासंघ के जिला अध्यक्ष जावेद खां ने कहा कि सरकारी वाहन चालक अन्य संवर्गों के कर्मचारियों की तुलना में अधिक कार्य करते हैं। वाहन चालकों के कार्य के घंटे तय नहीं होने से उन्हें दिन-रात मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन सुविधाएं देने की बात होने पर उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है।
जिला मंत्री सुभाष चंद्र्र रस्तोगी ने कहा कि चाहे निर्वाचन की ड्यूटी हो, त्यौहारों समेत अन्य मौकों पर कानून व्यवस्था की निगरानी के लिए अफसरों का साथ देना हो या फिर राजकीय अवकाश के दिन विकास कार्यों का निरीक्षण करना हो, हर मौके पर अधिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ड्यूटी करने पर भी वाहन चालकों की समस्याओं का समाधान नहीं होना खेदजनक है। सभा के बाद वाहन चालक खामोशी के साथ शांति मार्च के रूप में चल पड़े, लेकिन कलक्ट्रेट पहुंचकर अफसरों का ध्यानाकर्षण करने के लिए नारेबाजी शुरू कर दी।
ज्ञापन में प्रदेश के वाहन चालकों को अन्य राज्यों की तरह समान कार्य के लिए समान वेतन देने, स्टाफ कार चालक पदोन्नति स्कीम में संशोधन करने, चालकों के रिक्त पदों पर भर्ती करने, सरकारी वाहनों का दुरुपयोग रोकने, वाहन सफाई भत्ता देने, चालक भर्ती नियमों को सरल बनाने, निजी वाहनों का सरकारी कार्य में इस्तेमाल रोकने आदि मांगों का उल्लेख किया गया है। प्रदर्शन में सादिक अली, रामकृष्ण मिश्रा, शिव बाबू, अखिलेश कुमार, मजहर अली, नरेश पाल सिंह, कुलदीप कुमार आदि विभिन्न विभागों के वाहन चालक शामिल रहे।