मिर्जापुर। इलाके में बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुखार से तीन ओर जिंदगियां निकल ली हैं। इधर स्वास्थ्य विभाग अब भी बेपरवाह बना हुआ है। गांवों में हेल्थ कैंप नहीं लगाए जा रहे हैं। इससे लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष पनप रहा है।
क्षेत्र के गांव कुनिया शाहनजीरपुर निवासी अजीत वर्मा के साथ वर्षीय बेटे हिमांशु को कई दिन से बुखार आ रहा था। अजीत ने पहले तो हिमांशु का इलाज कस्बे में ही निजी डॉक्टरों से कराया। फायदा न होने पर वह सोमवार को उसे शाहजहांपुर ले गया। यहां हालत ज्यादा खराब होने पर उसे बरेली रेफर कर दिया गया। बरेली जाते वक्त हिमांशु की रास्ते में मौत हो गई। इसी गांव के अशोक कुमार के 55 वर्षीय पिता हरीराम कुशवाह को चार दिन से बुखार आ रहा था। निजी डॉक्टर ने उनको डेंगू होने की बात कही थी। आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से परिवार वाले उनको बरेली नहीं ले जा सके। सोमवार रात हरीराम ने दम तोड़ दिया। इधर, वाजिद अली की नव विवाहिता पुत्री रोशनी की भी तेज बुखार की वजह से सोमवार को मौत हो गई। गांव के लोगों का कहना है कि बुखार से लगातार मौतें हो रही हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग जरियनपुर सीएचसी पर डॉक्टर की तैनाती नहीं कर रहा है। ै।