तिलहर। तहसील में कोरोना संकट के चलते प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला जारी है। सोमवार को भी मुंबई, हरियाणा, नेपाल, गुजरात, दिल्ली आदि से 329 प्रवासी मजदूर यहां पहुंचे। इनमें भट्ठे पर काम करने वाले नेपाल के 126 मजदूर भी शामिल है।
सीएचसी प्रभारी डॉ. कमरुज्जमा ने बताया कि सोमवार को आने वाले प्रवासी श्रमिकों में आठ को संदिग्ध पाया गया हैं, जिन्हें जिला अस्पताल भेजा गया है। एक दिव्यांग मजदूर और तीन दिन की बच्ची को लेकर एक प्रवासी महिला मजदूर भी आई हुई है। नेपाल में काम करने वाले मजदूरों को जीजीआईसी शेल्टर होम में क्वारंटीन पर रखा गया है। सभी मजदूर निगोही क्षेत्र के गांव कुरगांव, विरासिन म्यूना और भवानीपुर के रहने वाले हैं। ये सभी थर्मल स्क्रीनिंग में ठीक पाए गए हैं। सेंटर प्रभारी लेखपाल अंकुर चौधरी ने बताया कि अन्य सभी मजदूरों को भोजन और राशन किट देने के बाद होम क्वारंटीन कर दिया गया है। इनके अलावा सीएचसी पर 203 प्रवासी मजदूर भी पहुंचे हैं, जिनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई है।
इधर, कंटेंनमेंट जोन घोषित बरखेड़ा हवेली में स्वास्थ्य विभाग की छह टीमें जांच कर रही हैं। गांव में सर्वे के दौरान कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए चार लोगों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें मंगलवार को जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा जाएगा।
दिव्यांग मजदूर और तीन दिन की बच्ची लेकर पहुंची महिला
सोमवार को नगर के जीजीआईसी शेल्टर होम पर नेपाल में एक भट्ठे पर काम करने वाला दिव्यांग निगोही के गांव कुरगांव निवासी रामखिलावन अपने बच्चों के साथ यहां पहुंचा। रामखिलावन ने बताया कि वह दिव्यांग होने के कारण वहां भट्टे पर कुछ काम नहीं कर सकता था, घर पर अकेला होने के कारण पत्नी और बच्चों की खातिर उसे काम पर निकलना पड़ा। वहां काम न मिलने के कारण भुखमरी के हालात पैदा हो गए, इसलिए घर लौटना पड़ा। इसी कुरगांव की लक्ष्मण की पत्नी ओमवती तीन दिन के बच्चे को लेकर यहां जीजीआईसी शेल्टर होम पहुंची। ओमवती ने बताया कि उसने तीन दिन पहले नेपाल के क्वारंटीन सेंटर पर बच्ची को जन्म दिया था। उसकी बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। उसे खुशी है कि वह बच्ची को लेकर अपने घर जा रही है।