शाहजहांपुर। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रविवार को आयोजित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में कुल 435 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। परीक्षा को लेकर छात्र-छात्राओं में खास उत्साह देखने को मिला। सुबह 10 बजे से 11:30 तक चली परीक्षा का शुभारंभ प्रश्नपत्रों का बंडल खोलकर एडीएम वित्त एवं राजस्व सर्वेश कुमार, एसडीएम सदर रामजी मिश्रा और एसएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्रा ने किया। अधिकारियों ने परीक्षा कक्षों का निरीक्षण किया। उन्होंने इस तरह की छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए अमर उजाला की सराहना की। परीक्षा के लिए कुल 685 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न कराने में परीक्षा प्रभारी डॉ. एसपी डबराल, सह परीक्षा प्रभारी डॉ. राम निवास गुप्ता समेत डॉ. मनोज अग्रवाल, चंद्रभान त्रिपाठी का खास योगदान रहा।
251 छात्र-छात्राएं गैरहाजिर रहे
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए जिले से नवीं, 10 वीं, 11 और 12 वीं कक्षा के कुल 685 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया था। इनमें 251 छात्र-छात्राएं परीक्षा से गैरहाजिर रहे। 435 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी। कक्षा नौ और 10 में पंजीकृत 241 में से 152 और 11-12 के पंजीकृत 445 में 283 छात्र-छात्राएं उत्साह के साथ परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा संपन्न होने के बाद सुरक्षा के बीच उत्तर पुस्तिकाओं को सील कर दिया गया।
परीक्षा छूटने के बाद प्रशभन पत्र पर चर्चा
परीक्षा छूटने के बाद छात्र-छात्राएं प्रशभन पत्र पर चर्चा करते हुए नजर आए। परीक्षार्थियों के बीच यह जानने की चाह थी कि उनका कौन से प्रशभन का हल सही रहा और किसका गलत रहा। इसके साथ यह भी चर्चा थी कि जिसने सबसे अच्छा किया होगा, उसी को छात्रवृत्ति मिलेगी। एसएस कॉलेज स्थित परीक्षा क्रेंद्र के बाहर अपने बच्चों का इंतजार कर रहे अभिभावकों ने भी परीक्षार्थियों के बाहर आते ही उनसे प्रश्नपत्र लेकर चर्चा शुरू कर दी। इस दौरान कुछ परीक्षार्थियों के चेहरों पर खुशी तो कुछ के चेहरों पर मायूसी भी नजर आई।
मोबाइल, कैलकुलेटर, लिखित सामग्री ले जाने पर थी रोक
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा बिना किसी बाधा के और नकलविहीन संपन्न कराने के लिए एसएस कॉलेज प्रशासन ने काफी सख्ती से काम लिया। परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल, कैलकुलेटर के साथ लिखित सामग्री ले जाना प्रतिबंधित था। मोबाइल लेकर कॉलेज पहुंचने वाले छात्र-छात्रा के मोबाइल गेट पर ही जमा करा लिए गए। परीक्षा के दौरान कॉलेज का सचल दल लगातार निगरानी करता रहा।
प्रश्न पत्र काफी कठिन था। अब देखना है क्या होता है। वैसे ज्यादातर प्रशभनों का हल सही रहा है। इस तरह की प्रतियोगी परीक्षा पहली बार दी है।
-अनामिका, कक्षा नौ
पहली बार इस तरह की परीक्षा देकर कई अनुभव मिले हैं। रिजल्ट जो भी रहे। शत-प्रतिशत सफलता के लिए अगली बार पूरी कोशिश करूंगी।
-संजना सिंह, कक्षा नौ
कुछ प्रशभन काफी कठिन थे। परीक्षा के लिए पहले से तैयारी की थी। उम्मीद है कि अच्छे नंबर आएंगे। अगली बार की परीक्षा की भी तैयारी की जाएगी।
-उदयन, कक्षा नौ
इस तरह की प्रतियोगी परीक्षा में पहली बार शामिल हुआ था। परीक्षा में सफलता के लिए तैयारी भी की। अब परीक्षा परिणाम का इंतजार है।
-रवि मिश्रा, कक्षा 10
इस तरह की परीक्षाओं का आयोजन विद्यार्थियों में प्रतियोगिता की भावना पैदा करता है। मेरा पेपर काफी अच्छा हुआ है। सफलता का भरोसा है।
-शोभा, कक्षा 12
परीक्षा में शामिल होकर कई अनुभव मिले हैं। ये आगे भी काम आएंगे। ज्यादातर प्रशभनों का उत्तर सही रहा है। सफलता की पूरी उम्मीद है।
-जैनब सिद्दीकी, कक्षा 12
कुछ प्रश्नों को छोड़ दिया जाए तो प्रशभन पत्र ज्यादा कठिन नहीं था। पेपर अच्छा रहा है। अगर फलता नहीं मिली तो अगली बार भी परीक्षा दूंगा।
-अनमोल, कक्षा 10
परीक्षा के लिए पहले से तैयारी की थी। हालांकि, प्रशभन पत्र कठिन था। इसके बाद भी ज्यादातर प्रशभनों का हल सही रहा है। सफलता की उम्मीद है।-
- विभोर कुमार, कक्षा 11