सेहरामऊ दक्षिणी। चांदापुर गांव में शुक्रवार सुबह ग्राम देवता की पूजा के लिए गर्रा नदी से जल भरने के दौरान पैर फिसलने से डूबी सात वर्षीय बालिका विश्रांति का शव 24 घंटे बाद शनिवार सुबह उसी स्थान पर उतराता मिला। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को नदी से बाहर निकलवाकर पोस्टमाॅर्टम के लिए भिजवा दिया।
शुक्रवार की सुबह रामप्रसाद की दो बेटियां पूजा के लिए गर्रा नदी से जल लेने के लिए गईं थीं। इस दौरान पैर फिसलने से नदी में गिरीं दोनों बहनें डूबने लगीं। इस बीच मंदिर के पास मौजूद लोग बच्चियों की चीख-पुकार की आवाज सुन दौड़ पड़े। हाथ पकड़कर क्रांति को तो बचा लिया, लेकिन विश्रांति को गहरे पानी में चले जाने से नहीं बचा सके।
इसके बाद गोताखोर व पीएसी की आठवीं बटालियन टीम पूरा दिन बालिका की खोजबीन करती रही, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। अंधेरा होने पर रेस्क्यू अभियान रोक दिया गया, फिर शनिवार की सुबह मंदिर के पास बैठे ग्रामीणों ने विश्रांति के शव को उसी स्थान पर नदी में उतराता देखा तो उसके परिजनों को सूचना दी।
मौके पर पहुंचे परिजन विश्रांति के शव को देख बिलख पड़े। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। रामप्रसाद ने बताया कि बड़ी बेटी क्रांति का उपचार चल रहा है।