हथौड़ा गांव में सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण को गिराते हुए जेसीबी। संवाद
रोजा। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस बल की मौजूदगी में 22 दुकानों को जेसीबी से ढहा दिया गया। चार मकानों को छोड़ते हुए उनके मालिकों को 15 दिन का समय देकर खाली करने की चेतावनी दी गई। इस दौरान ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच नोकझोंक हुई। अधिकारियों ने उनको समझाकर शांत किया।
हथौड़ा बुजुर्ग में करीब 16 बीघा जमीन पर लोगों ने कब्जा कर रखा था। लोगों ने इस जमीन पर दुकानें व मकान बना लिए। कब्जेदारों को नौ मई को नोटिस भेजकर मुनादी कराकर कब्जा छोड़ने के लिए कहा गया था। 18 जुलाई को एसडीएम के नेतृत्व में सभी के बिजली कनेक्शन काटते हुए जमीन पर एक सार्वजनिक बोर्ड लगा दिया गया।
शनिवार को कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई। एसडीएम सदर संजय कुमार पांडेय ने बताया कि इन लोगों को पूर्व में कई बार चेताया गया था, लेकिन जब नहीं हटे तो 22 दुकानों को ध्वस्त किया गया है। चार मकानों में रहने वाले लोगों को 15 दिन में खाली करने की चेतावनी दी गई है। जमीन पर दो मंदिर बने हुए हैं। इनकाे विस्थापित किया जाएगा।
इस जमीन पर सदर तहसील का नया भवन बनना प्रस्तावित है। इस दौरान नगर आयुक्त डाॅ. बिपिन कुमार मिश्रा, एडीएम प्रशासन रजनीश मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार व एसडीएम सदर संजय कुमार पांडेय मौजूद रहे।
हथौड़ा बुजुर्ग में सरकारी जमीन से कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई है। यहां पर सदर तहसील का नया भवन बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। चार मकान में रहने वाले लोगों को 15 दिन में खाली करने की चेतावनी दी गई है।
- रजनीश मिश्रा, एडीएम प्रशासन
हथौड़ा गांव में सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण को गिराते हुए जेसीबी। संवाद