तिलहर। नगर पालिका परिषद के विकास कार्यों को लेकर असंतोष मंगलवार को उस वक्त खुलकर सामने आ गया, जब नगर पालिका के सभागार में सुबह दस बजे अध्यक्ष हाजरा बेगम की अध्यक्षता और अधिशासी अधिकारी सत्येंद्र प्रकाश के संचालन में पालिका बोर्ड की बैठक शुरू होने से पहले ही 22 सभासदों ने अपने-अपने वार्डों में विकास कार्य नहीं होने का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। सभागार से सभासदों के सामूहिक बहिर्गमन से बैठक नहीं हो सकी और चेयरपर्सन सहित अधिशासी अधिकारी लौट गए।
बोर्ड बैठक का बहिष्कार करने वाले सभासदों का आरोप है कि उनके वार्डों में लंबे समय से सड़क, नाली, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित कार्य लंबित हैं। कई बार मांग करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। उनका यह भी कहना है कि जब तक वार्डों में विकास कार्यों को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी, बोर्ड बैठकों में शामिल होने का कोई औचित्य नहीं है।
यह दूसरा मौका है, जब सभासदों के विरोध के कारण पालिका बोर्ड की बैठक नहीं हो सकी। लगातार दूसरी बार बैठक का बहिष्कार होने से नगर पालिका की कार्यप्रणाली और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठने लगे हैं।
ईओ सत्येंद्र प्रकाश ने सभासदों के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि सभी वार्डों में नियमानुसार विकास कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन सभासद मनमाने तरीके से काम कराना चाहते हैं।