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तापमान में कमी के बावजूद उमस से गर्मी का प्रकोप बरकरार

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तापमान में कमी के बावजूद उमस से गर्मी बरकरार
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0 आसमान से धूल भरी धुंध छटने के बाद घुटन से मिली राहत
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। आसमान पर तीन दिन से छाई धूल भरी धुंध शनिवार को चौथेे दिन काफी कम हो गई। रात से सुबह तक आसमान पर बादल छाए रहने से पिछले 48 घंटे के दौरान तापमान भी तीन से चार डिग्री कम हो चुका है। इसके बावजूद जन सामान्य को गर्मी और उमस से काई खास राहत नहीं मिल सकी। शनिवार को सुबह से निकली तेज धूप के कारण दोपहर तक खासी गर्मी हो गई। इस कारण ईद मिलन के लिए अधिकांश लोग दोपहर बाद घरों से बाहर निकले तो सड़कों पर चहल-पहल बढ़ गई।
आसमान से धुंध हटने के बाद शुक्रवार शाम से बादल छाने के साथ ही ठंडी हवा चलने से वातावरण में आर्द्रता 54 से बढ़कर 62 फीसदी हो गई। इससे लोगों ने रात राहत में बिताई, लेकिन भोर होने से पहले हवा बिल्कुल थम गई। सूर्योदय के साथ धूप जैसे-जैसे तीखी हुई, गर्मी बढ़ने के साथ वातावरण में नमी घटकर 32 प्रतिशत रह गई। नतीजे में दोपहर तक इतनी उमस हो गई कि पारा 0.4 डिग्री उछलकर 38.2 डिग्री सेल्सियस हो गया।
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खास यह है कि मौसम विभाग भले ही उत्तर भारत के कई राज्यों में आंधी के साथ बारिश का संकेत दे रहा हो, गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह का कहना है कि जिले में आंधी-पानी की रविवार दोपहर तक कोई संभावना नहीं है।
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फोटो-41, तिलहर नगर क्षेत्र में छाई हुई धुंध
डॉक्टरों ने मास्क लगाकर बाहर निकलने की दी सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
तिलहर। क्षेत्र में तीन दिनों से वातावरण में धुंध छाई हुई है जिसके कारण दिन के समय भी हल्की रोशनी रहती है। वातावरण प्रदूषित होने के कारण श्वांस, दमा ,अस्थमा के रोगियों को डॉक्टरों ने बचाव से रहने की सलाह दी है। अस्थमा के कुछ लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर के मोहल्ला कच्चा कटरा निवासी रामनिवास रस्तोगी ने बताया कि वह दमा के मरीज हैं इस धुंध भरे मौसम में उन्हें खासी परेशानी हो रही है। बताया कि जब बाजार जाते हैं तब मुंह पर रुमाल लगा कर निकलना पड़ रहा है। सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि अभी तक कोई गंभीर रोगी फिलहाल अस्पताल नहीं आया है लेकिन लोगों को मामूली परेशानी अवश्य रही है। उन्होंने अस्थमा, दमा से पीड़ित मरीजों को कम से कम बाहर निकलने की सलाह दी है तथा बाहर निकलने के दौरान नाक पर रूमाल तथा मास्क लगाकर निकलने की सलाह दी है। उधर, अस्थमा रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मनोज अग्रवाल ने अस्थमा के रोगियों से मौसम की विकरालता को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है। कहा बारिश होते ही धूल के कण समाप्त हो जाएंगे तब तक सावधानी बरतनी अत्यंत आवश्यक है।
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