सैनिक का शव पैतृक गांव पहुंचने पर मचा कोहराम
पूरे सैन्य सम्मान के साथ सोवेंद्र की हुई अंत्येष्टि
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अमर उजाला ब्यूरो
सिंधौली(शाहजहांपुर)। क्षेत्र के गांव कटौल निवासी भारतीय सेना के जवान सोवेंद्र की बीमारी के चलते चंडीगढ़ के सैन्य अस्पताल में शुक्रवार सुबह 10 बजे दम तोड़ दिया। इसकी सूचना परिवार वालों को मिली तो कोहराम मच गया। शनिवार को सोवेंद्र का शव गांव पहुंचा। सैकड़ों लोगों ने नम आंखों ने उनको अंतिम विदाई दी। पूरे सैन्य सम्मान के साथ सैनिक का अंतिम संस्कार किया गया। सैनिक की आकस्मिक मौत पर पूरे गांव का माहौल गमगीन है।
सिंधौली थाने के गांव कटौल निवासी सोवेंद्र (26) पुत्र वीरेंद्र सिंह 2015 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। सोवेंद्र की वर्तमान में तैनाती 31 वीं राजपूताना रेजीमेंट शिमला में थी। घर पर छुट्टी बिताने के बाद करीब 20 दिन पहले ही सोवेंद्र वापस गए थे। उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था। शिमला पहुंचने के बाद सोवेंद्र को तेज बुखार आ गया। उनको सेना के शिमला स्थित सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुधार न होने पर सोवेंद्र को शिमला से चंडीगढ़ सैन्य अस्पताल रेफर कर दिया गया। शुक्रवार को यहां इलाज के दौरान सोवेंद्र ने दम तोड़ दिया। शनिवार को रेजीमेंट के जवान सोवेंद्र का शव लेकर कटौल पहुंचे। शव पहुंचने पर सोवेंद्र के परिवार में कोहराम मच गया। अंतिम यात्रा और अंत्येष्टि में सेना की ओर से शाहजहांपुर छावनी के मेजर विपुल शुक्ला सहित शिमला राजपूताना रेजीमेंट के सूबेदार बनवारी लाल, बलवान सिंह, सैनिक मुरली मनोहर ,श्यामेंद्र सिंह, पंकज सिंह, मुकेश कुमार शामिल रहे।
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पांच भाइयों में दूसरे नंबर के थे सोवेंद्र
- पांच भाइयों में सोवेंद्र दूसरे नंबर के थे। बड़े भाई धीरेंद्र, छोटे कुलविंद्र और पीतांबर गांव में रखकर खेती का काम देखते हैं। सबसे छोटा भाई राघव इंटरमीडिएट का छात्र है। एक बहन सुषमा की शादी हो चुकी है। सोवेंद्र की अंत्येष्टि में विधायक रोशन लाल वर्मा, इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह, ब्लॉक प्रमुख पति फिरोज यादव, जिला पंचायत सदस्य छोटू जाटव, कैप्टन प्रमोद कुमार गुप्ता, भाजपा नेता अवनीश सिंह, शरद चंद्र गुप्ता, प्रधान सलमान खान, रमेश चंद्र, आशुतोष यादव समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। विधायक रोशन लाल वर्मा ने सैनिक की याद में स्मृति द्वार बनवाने की घोषणा की है।
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मेहंदी का रंग छूटने से पहले उजड़ गई खुशबू की मांग
एक मई को हुई थी शादी, पति शव देख गश खाकर गिरी
अमर उजाला ब्यूरो
सिंधौली। होनी को कुछ और ही मंजूर था। पत्नी खुशबू की मेहंदी का रंग भी नहीं छूटा था, उससे पहले ही सोवेंद्र ने दुनिया को अलविदा कह दिया। शनिवार को जब सैनिक सोवेंद्र का शव घर पर पहुंचा तो खुशबू गश खाकर गिर पड़ी। परिवार वाले उसे संभालते हुए नजर आए।
सोवेंद्र की शादी एक मई को सिंधौली थाने के ही गांव कुरसंडा की खुशबू के साथ हुई थी। शादी निपटाने के बाद नव दंपति ने कई सपने देखे होंगे। 23 मई को सोवेंद्र वापस अपनी रेजीमेंट चले गए थे। जल्द वापस आने की बात भी उन्होंने पत्नी से कही थी। किसी को नहीं पता था कि अब सोवेंद्र का शव ही घर आएगा। होनी को कुछ और ही मंजूर था। नव विवाहिता खुशबू का सुहाग डेढ़ महीने में ही उजड़ गया। गांव के लोग भी सोवेंद्र की असमय मौत को किसी सदमे से कम नहीं मान रहे। जवान बेटे की मौत के बाद पिता वीरेंद्र सिंह भी बदहवास हैं।