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Shahjahanpur News: स्कूलों में पढ़ने वाले जिले के 2016 बच्चों की आंखें कमजोर

Fri, 18 Oct 2024 02:17 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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शाहजहांपुर। शरीर में विटामिन और प्रोटीन की कमी व खेलकूद से परहेज के कारण बच्चों की आंखों पर खराब असर पड़ रहा। वे दूरदृष्टि दोष से पीड़ित होने लगे हैं। राष्ट्रीय अंधता निवारण व दृष्टिदोष कार्यक्रम के तहत जिले के निजी और सरकारी स्कूलों में जांच में 2016 बच्चों की आंखें कमजोर मिली हैं।
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जनपद के अलग-अलग स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच कराई थी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने सरकारी व निजी स्कूलों में जाकर बच्चों की आंख की जांच की। नेत्र परीक्षण अधिकारी ने आंख कमजोर मिलने वाले बच्चों को सूचीबद्ध किया था। अप्रैल से अभी तक आठ से 18 साल तक के 36,393 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।
इनमें 2016 बच्चों की आंखें कमजोर मिलीं। उन्हें चश्मा दिया गया। सीएमओ डॉ.आरके गौतम ने बताया कि पोषण की कमी के चलते शरीर को विटामिन व प्रोटीन नहीं मिलने से बच्चों की आंखें कमजोर हो जाती हैं। इसके अतिरिक्त मोबाइल व कंप्यूटर का अधिक प्रयोग भी बच्चों की आंखें पर प्रभाव डाल रहा है। 3008 बच्चाें को चश्मा देने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें 67 प्रतिशत तक लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है। चश्मों के लिए मांग भेजी गई है।
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ये बरतें सावधानी
-बच्चों को मोबाइल व कंप्यूटर का अधिक प्रयोग नहीं करने दें।
-विटामिनयुक्त खाद्य सामग्री का सेवन करें।
-आंखों को पानी से धोते रहें।
-बच्चों को पढ़ते समय किताब को उचित दूरी पर रखने के लिए कहें।
-बच्चों को झुककर या लेटकर नहीं पढ़ने दें।
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4308 मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए
-कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ.आसिफ अली ने बताया कि सीएचसी पर आने वाले मरीजों में मोतियाबिंद की समस्या होने पर नि:शुल्क ऑपरेशन राजकीय मेडिकल कॉलेज में कराए जाते हैं। वित्तीय वर्ष में अभी तक 4308 मरीजों के ऑपरेशन हुए हैं।
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