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गोसेवा आश्रम ट्रस्ट पर पुलिस, प्रशासन का छापा

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cow - फोटो : amar ujala
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0 मरणासन्न दो गायों को नोचते मिले कौए
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0 मौके पर मिला एक सुपरवाइजर, नहीं दिखा सके कागजात
0 मिली तमाम अनियमितताएं, एसडीएम को सौंपी गई रिपोर्ट

खुटार। खुटार के गांव रायपुर पटियात स्थित गोसेवा आश्रम ट्रस्ट की गोशाला में बृहस्पतिवार को एसडीएम मोइनुल इस्लाम के आदेश पर तहसीलदार (न्यायिक) केएम दीक्षित के नेतृत्व में छापेमारी की गई तो दो मरणासन्न गायों को कौए नोचते मिले। तहसीलदार और एसओ बिरजाराम ने गोशाला में मिले सुपरवाइजर को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। मामले की रिपोर्ट एसडीएम को दी गई है। जल्द ही इस मामले में कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
खुटार के गांव रायपुर पटियात स्थित गोसेवा आश्रम ट्रस्ट के नाम से एक गोशाला लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व खोली गई थी। इस गोशाला में गायें नारकीय स्थित में हैं। हालत यह है कि गोशाला में मरणासन्न हो जाने वाली गायों को कौए और कुत्ते जिंदा ही नोच रहे थे। अमर उजाला ने 28 दिसंबर के अंक में %खुटार के गोसेवा ट्रस्ट में जिंदा गायों को नोच रहे कौए और कुत्ते’ शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर छपते ही पुलिस और प्रशासन में खलबली मच गई। अधिकारियों के फोन घनघनाए तो एसडीएम मोइनुल इस्लाम ने तहसीलदार (न्यायिक) केएम दीक्षित को मौके पर जाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार, कानूनगो हरीसिंह, रूपेश कुमार, स्थानीय लेखपाल अनुराग कुमार खुटार पहुंचे और एसओ बिरजाराम के साथ गोशाला पहुंचे। गोशाला में मरणासन्न हालत में पड़ी दो गायों को कौए नोच रहे थे। यह देखकर तहसीलादार और एसओ का पारा चढ़ गया। दोनों अधिकारियों ने मौके पर मिले खुद को गोशाला का सुपरवाइजर बताने वाले निर्मल सिंह को कड़ी फटकार लगाते हुए गायों की दुर्दशा पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। गोशाला में गायों की संख्या कभी 126 ंतो कभी 107 बताने पर भी तहसीलदार ने कड़ी नाराजगी जताई। मौके पर मात्र 55 गाय ही मिलीं। शेष गाय जंगल में जाना बताई गईं। इतनी गायों के लिए मौके पर मात्र तीन क्विंटल भूसा और 18 किलो दाना रखा मिला। गायों की दवा, सर्दी से बचाने के कोई इंतजाम नहीं पाए गए। तहसीलदार ने बताया कि मामले की रिपोर्ट एसडीएम को दी जाएगी और गोसेवा आश्रम ट्रस्ट के लोगों पर कार्रवाई होगी।

अधिकारी कर्मचारियों को नहीं थी गोशाला की जानकारी
खुटार। खुटार के गांव सिमरा वीरान में राजकीय गोसदन है। अधिकारियों को केवल राजकीय गोसदन के बारे में ही जानकारी थी, उन्हें पता ही नहीं था कि खुटार में एक ट्रस्ट की ओर से भी गोशाला खोली गई है। तहसीलदार ने इस बारे में कानूनगो और लेखपाल से पूछा तो उन्होंने गोशाला के बारे में अनिभिज्ञता जताई।

अध्यक्ष से बमुश्किल हो सकी बात
खुटार। अधिकारियों के छापे के दौरान गोशाला में मिले सुपरवाइजर निर्मल सिंह से गोशाला के अध्यक्ष मनोज वर्मा से बात कराने को कहा गया तो उसने बताया कि अध्यक्ष का मोबाइल स्विच ऑफ है। उसने अधिकारियों को एक मोबाइल नंबर भी दिया जो स्विच ऑफ था। इसके बाद अधिकारियों ने सुपवाइजर को कार्रवाई की चेतावनी दी तो उसने दूसरा नंबर लगाकर मनोज वर्मा से तहसीलदार की बात कराई। मनोज वर्मा ने बताया कि वह अपनी जमीन आदि की आय से गोशाला चलाता है, लेकिन मौके पर मौजूद लेखपाल ने तहसीलदार को बताया कि मनोज वर्मा के नाम कोई जमीन ही नहीं है।

हो चुकी है 35 गायों की मौत
खुटार। गोसेवा ट्रस्ट के सुपरवाइजर निर्मल सिंह ने तहसीलदार को बताया कि इस वर्ष अब तक 35 गायों की मौत हो चुकी है। तहसीलदार ने पूछा कि मरने के बाद गाय का क्या किया जाता है तो निर्मल सिंह ने बताया कि गाय को कुछ दूर ले जाकर फेंक दिया जाता है। गड्ढा खोदकर गाय को दफन क्यों नहीं किया जाता है के सवाल पर निर्मल सिंह ने कहा कि जमीन कड़ी होने के चलते खुदाई नहीं हो पाती है। मृत गायों को ले जाने के लिए ट्रॉली भी मौके पर नहीं मिली।
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मनोज वर्मा से दो दिन पूर्व ही गोशाला के अभिलेख दिखाने को कहा गया था, लेकिन वह अब तक नहीं आया है। बृहस्पतिवार को हुई जांच की रिपोर्ट पर कार्रवाई की जाएगी।
मोइनुल इस्लाम, एसडीएम, पुवायां
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