शाहजहांपुर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो/अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम फराह मतलूब ने शुक्रवार को गैंगरेप के एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 60 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माने की धनराशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति दिलाने का भी आदेश दिया गया है। वहीं इस मामले में दूसरे अभियुक्त का मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
थाना गढ़िया रंगीन क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला 17 अप्रैल 2014 की रात अपनी 13 वर्षीय बेटी के साथ घर में सो रही थी। रात लगभग एक बजे क्षेत्र के गांव डभौरा निवासी राहुल और श्रीपाल यादव तमंचा लेकर उसके घर में घुस आए और उसकी बेटी को मुंह दबाकर उठा ले गए। महिला ने आरोप लगाया कि राहुल ने सुबह चार बजे तक बेटी को अपने घर में रखा जहां उसके साथ राहुल व श्रीपाल ने कई बार रेप किया। बाद में बेटी को यह कहते हुए बंधनमुक्त किया कि यदि किसी को इस घटना के बारे में बताया तो तुझे और तेरी मां को जान से मार देंगे। बेटी ने घर पर आपबीती सुनाई तो वह थाने जाने को निकली। इस पर आरोपियों ने रास्ते में उसे रोक दिया और थाने नहीं जाने दिया। अगले दिन छिपते-छिपाते थाने पहुंची और मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद किशोर राहुल व श्रीपाल के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय भेजा। मुकदमे की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील उमेश गुर्जर की ओर से पेश किए गए चार गवाहों के बयान सुनने व चिकित्सीय रिपोर्ट देखनेे और बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त श्रीपाल को दोष सिद्ध होने पर उसे आजीवन कारावास व 60 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।