शाहजहांपुर। आंगनबाड़ी वर्कर के कार्य बहिष्कार के मद्देनजर प्रशासन द्वारा की जा रही पोषाहार वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था को झटका देते हुए शुक्रवार को शिक्षा प्रेरकों ने न सिर्फ यह काम करने से साफ इनकार कर दिया, बल्कि खिरनीबाग के जीआईसी ग्राउंड स्थित धरनास्थल पर जाकर आंगनबाड़ी वर्क र को खुला समर्थन दिया। हालांकि, पोषाहार वितरण के लिए प्रशासन द्वारा अन्य विभागों के कर्मचारियों से सहयोग लिए जाने के कारण हड़ताली वर्कर को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। इसीलिए शुक्रवार को 55वें दिन क्रमिक अनशन के दौरान अन्य दिनों की अपेक्षा वर्कर की संख्या काफी कम रही।
चूंकि, हड़ताल के चलते जिले के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पुष्टाहार वितरण का काम ठप चल रहा है। इसलिए डीएम ने बीते दिन बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी समेत सीएमओ और बीएसए को सर्कुलर जारी करके एएनएम, आशा वर्कर और लोक शिक्षा प्रेरकों के माध्यम से पोषाहार का वितरण कराने के आदेश पारित किए हैं। इसका अनुपालन करते हुए डीपीओ ज्योति शाक्य ने सुपरवाइजरों और मुख्य सेविकाओं के माध्यम से बंद पड़े केंद्रों को चिह्नित कराने का काम शुरू करा दिया है।
इधर, पुष्टाहार का वितरण कराने की प्रशासन स्तर से वैकल्पिक व्यवस्था होते देख हड़ताली आंगनबाड़ी वर्कर के हाथ-पांव फूलने लगे हैं। इसीलिए जीआईसी ग्राउंड पर रोजाना सुबह क्रमिक अनशन में उमड़ने वाली वर्कर की भीड़ एकाएक घट गई है। उन्हें इस बात का भय है कि हड़ताल को साठ दिन पूरे होने या फिर वर्ष की समाप्ति तक कोई निर्णय नहीं होने की दशा में उन्हें अस्थायी सेवा से बर्खास्त किया जा सकता है। कर्मचारी नेता भारद्वाज ने कहा कि दो साल पहले तत्कालीन डीएम रितु माहेश्वरी के कार्यकाल में उन्हीं वर्कर को सेवामुक्त किया गया था, जिनके केंद्र निरीक्षण में बंद पाए गए थे। इस बीच, वहां पहुंचे आदर्श लोक शिक्षा प्रेरक एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष जनमेजय सिंह यादव ने भी वर्कर का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जिले की किसी भी परियोजना अथवा विकास खंड से कोई भी प्रेरक पुष्टाहार नहीं उठाएगा और न ही उसका वितरण करेगा। क्रमिक अनशन में सुनीता जौहर, सरोज कुमारी, सदावती, प्रेमलता, सुनीता देवी आदि शामिल रहीं।