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जमीनी विवाद में युवक की हत्या, पिता,भाई गंभीर घायल

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फोटो-31,गांव गज्जूखेड़ा के मृतक राजीव का फाइल फोटो
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फोटो-32,गोली से घायल राजीव का भाई संजीव
फोटो-33,मृतक राजीव का पिता भूपराम
फोटो-34, इसी खेत को लेकर चल रहा था विवाद, हत्या के बाद खेत में खड़ा ट्रैक्टर
फोटो-35, रोती बिलखती मृतक राजीव के परिवार की महिलाएं
फोटो-36, घटना स्थल पर जानकारी लेते एसडीएम और सीओ

जमीन विवाद में भतीजे की हत्या
हमले में मृतक के पिता और भाई गंभीर घायल
अपनों ने ही दिया वारदात को अंजाम, महिला समेत नौ लोगों पर रिपोर्ट दर्ज
एएसपी, एसडीएम, सीओ ने किया मुआयना
अमर उजाला ब्यूरो
बंडा (शाहजहांपुर)। जमीन के विवाद में एक व्यक्ति ने परिवार के कुछ लोगों की मदद से खेत पर धावा बोल कर अपने सगे भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी। इस दौरान आरोपी ने भाई और दूसरे भतीजे को हमलाकर घायल कर दिया। इसमें मृतक का छोटा भाई गोली लगने से जबकि पिता लाठी, डंडों से पीटे जाने से घायल हो गया।
घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
गांव गज्जूखेड़ा निवासी भूपराम और उसके चाचा ओमकार के बीच तीन एकड़ जमीन को लेकर बीस वर्ष से विवाद चल रहा था। मुकदमेबाजी के चलते चाचा भतीजे के बीच गहरी रंजिश बन गई। कई बार मारपीट भी हो चुकी थी। इस समय जमीन पर भूपराम का कब्जा था। भूपराम के अनुसार बुधवार सुबह करीब नौ बजे वह अपने पुत्र 22 वर्षीय राजीव और 19 वर्षीय संजीव के साथ ट्रैक्टर से खेत की जुताई करने गया था। इस बीच भूपराम का सगा भाई नन्हें लाल, चाचा रेवती और ओमकार, ओमकार की पत्नी शांति देवी, ओमकार के पुत्र प्रेमपाल, गुड्डू, वीरेंद्र, धर्मेंद्र और प्रेमपाल का पुत्र नवीन बंदूक, पौनिया, कांता और लाठी लेकर खेत पर जा पहुंचे। इम लोगों ने गाली गलौज करते हुए ओमकार को पीटना शुरू कर दिया। बचाने पहुंचे राजीव और संजीव की भी पिटाई कर दी। इस बीच हमलावरों ने फायरिंग भी कर दी। गोली लगने से राजीव की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरी गोली संजीव के लगने से वह भी गंभीर घायल हो गया। भूपराम ने मौके से भागकर जान बचाई। फायरिंग की आवाज सुनकर गांव के लोग दौड़े तो आरोपी मौके से चले गए।
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सूचना पाकर एसओ राहुल सिंह ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और घायलों को अस्पताल भिजवाया। बाद में भूपराम और संजीव को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। एएसपी सुभाषचंद्र शाक्य, एसडीएम मोइनुल इस्लाम, सीओ जितेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। भूपराम की ओर से नौ लोगों के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, बलवा आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। एएसपी ने आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।
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तीन एकड़ जमीन पर बीस वर्ष से चल रहा है विवाद
0 कई बार हो चुका था बवाल, मुकदमें में दो बार जीता था भूपराम
अमर उजाला ब्यूरो
बंडा। गांव गज्जूखेड़ा निवासी भूपराम और उसके चाचा ओमकार के बीच तीन एकड़ जमीन को लेकर बीस वर्ष से विवाद चल रहा था। इसी तीन एकड़ जमीन ने चाचा-भतीजे के बीच अदावत बढ़ा दी। दोनों पक्षों मेें करीब बीस वर्ष से मुकदमेबाजी चल रही है। मुकदमे में एक बार ओमकार तो दो बार उसके भाई भूपराम के पक्ष में फैसला भी हो चुका है।
भूपराम के पिता मोतीलाल ने वर्ष 1972 में गांव के ही शिवदर्शन से तीन एकड़ जमीन खरीदी थी। जमीन का दाखिल खारिज नहीं हो सका, जिस कारण जमीन शिवदर्शन के ही नाम चलती रही, जबकि कब्जा मोतीलाल का रहा और मोतीलाल इस जमीन पर खेती भी करते रहे। बाद में मोतीलाल की मौत हो गई। जमीन की विरासत के समय मोतीलाल के पुत्र भूपराम को मामले की जानकारी हुई तो शिवदर्शन को मामले से अवगत कराया। वर्ष 1992 में शिवदर्शन ने भूपराम के नाम जमीन की वसीयत कर दी और जमीन भूपराम के नाम चली गई। भूपराम के चाचा ओमकार जमीन को अपनी बता रहा था। भूपराम के नाम जमीन जाने से ओमकार खिन्न हो गया और उसने जमीन पर मुकदमा कर दिया। एक बार फैसला ओमकार के पक्ष में हुआ तो भूपराम ने अपील कर दी। इसके बाद दो बार फैसला भूपराम के पक्ष में हुआ। वर्तमान में भूपराम ही जमीन पर काबिज था और खेती कर रहा था। तीन एकड़ जमीन को लेकर 1992 से ही भूपराम और ओमकार के बीच गहरी दुश्मनी हो गई थी। दोनों के बीच जमीन को लेकर कई बार मारपीट भी हो चुकी है, लेकिन इस बार भूपराम के पुत्र राजीव की जान चली गई।
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मातम में बदलीं होली की खुशियां
आठ माह में ही उजड़ गया महिमा का सुहाग
अमर उजाला ब्ूयूरो
बंडा। गज्जूखेड़ा निवासी भूपराम के घर होली की तैयारियां चल रही थीं। भूपराम के पुत्र राजीव और महिमा की शादी के बाद यह पहली होली थी, लेकिन राजीव की मौत ने होली की खुशियों को मातम में बदल कर रख दिया है।
राजीव की शादी 11 जून 17 को महिमा देवी के साथ हुई थी। शादी के बाद दोनों की यह पहली होली थी, लेकिन इससे पूर्व ही महिमा का सुहाग उजड़ गया। पति की मौत की सूचना मिलते ही वह भागकर खेत पर पहुंची और पति के शव से लिपट कर बिलख उठी। गांव की महिलाओं ने उसे बमुश्किल संभाला, लेकिन वह फिर से पति के शव से जा लिपटी और बेहोश होकर गिर पड़ी। राजीव की मां रूपरानी का भी रो रोकर बुरा हाल है।
गांव के तमाम लोग भी होली से दो दिन पहले हुए हत्याकांड से काफी गमगीन हैं। गांववालों का कहना है कि राजीव काफी मिलनसार और खुशमिजाज युवक था। गांव में उसके तमाम दोस्त हैं। राजीव की मौत की जानकारी पाकर तमाम लोग मौके पर पहुंचे और रो बिलख रही महिलाओं को सांत्वना दी।
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हाईकोर्ट से जमानत पर है ओमकार
बंडा। ओमकार ने वर्ष 2009 में गांव के ही रामदुलारे की हत्या कर दी थी। इस मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी। ओमकार ने सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने उसकी अपील मंजूर करते हुए जमानत पर छोड़े जाने का आदेश दिया था। तबसे ओमकार घर पर रह रहा है।
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