जैतीपुर (शाहजहांपुर)। संत अवध बिहारी महाराज ने कहा कि परमात्मा की प्राप्ति करने के लिए सबसे पहले हमें हृदय को निर्मल बनाना पड़ेगा। परमात्मा प्रेम से मिलता है। प्रेम ही संसार की सबसे बड़ी भक्ति है। गीता में श्री कृष्ण ने कहा है प्रेम ही भक्ति है और प्रेम ही पूजा है। वह शनिवार को क्षेत्र के गांव कुलुआबोझ में भागवत कथा का सुना रहे थे।
उन्होंने कहा कि भगवान कहते हैं कि प्रेम मेरे संग करने वाला मुझ तक पहुंचे और मुझमें में समाए। भगवान की प्राप्ति करना है, तो चिंता मिटाओ और चिंतन बढ़ाओ, प्रभु की प्राप्ति अवश्य होगी। उन्होंने कहा हम सभी एक भाव बना लें कि हम राम जी के और राम जी हमारे हैं, तो हम सभी का जीवन अवश्य संवर जाएगा। इस दौरान पूर्व सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य कृष्णपाल सिंह, नरेंद्र प्रधान, गिरीश प्रधान, विजय सिंह, मास्टर सतीश सिंह, राजा भैया, पूरन सिंह, कन्हई सिंह, पप्पू सिंह आदि लोग मौजूद रहे।