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जिला अस्पताल में गंदगी देख नाराज हुईं एडी हेल्थ

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फोटो-19
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जिला अस्पताल में गंदगी देख नाराज हुईं एडी हेल्थ

सुपरवाइजर को लगाई फटकार, वेतन रोके जाने की दी चेतावनी
शौचालय के पास था जलभराव, बेड पर मिली गंदी चादर

शाहजहांपुर। एडी हेल्थ डॉ. प्रमिला गौड़ ने बुधवार दोपहर एक बजे संयुक्त जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। शौचालय के पास जलभराव, बेड पर गंदी चादर देखकर वह नाराज हो गईं। उन्होंने सफाई कर्मचारियों का सुपरवीजन करने वाले को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अस्पताल में गंदगी क्यों हैं। इसी के साथ चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ तो वेतन रोक दिया जाएगा।
एडी हेल्थ का यह रूटीन निरीक्षण था लेकिन मुमुक्षु आश्रम में चल रहे युवा महोत्सव में 25 फरवरी को मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के आगमन के मद्देनजर वह बुधवार को विशेष तौर पर जिला अस्पताल पहुंची थीं। सीएमएस डॉ. एमपी गंगवार के साथ सबसे पहले वह जिला महिला चिकित्सालय पहुंचीं और यहां उन्होंने प्रसव के बारे में जानकारी ली और साथ ही पूछा कि क्या महिलाओं को 102,108 एंबुलेंस का लाभ मिल रहा है कि नहीं। उन्होंने 102, 108 से आने वाले मरीजों की इंट्री रजिस्टर को भी देखा। महिला वार्ड में पहुंचने पर उन्होंने महिलाओं को लगने वाले टीके के बारे में जानकारी ली और समझाया कि प्रसव के बाद बच्चे को मां का दूध सबसे पहले जरूरी है। यह महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य लाभ से जुड़ी बात है। इसके बाद उनकी नजर जब शौचालय की तरफ गई तो वहां जलभराव देखकर वह खफा हो गईं। यहां से निकलने के बाद वह मेन वार्ड पहुंचीं, तो यहां भी गंदगी मिली। हालांकि यहां पर पुताई चल रही थी, लेकिन उनकी नजर एक मरीज के बेड पर बिछी गंदी चादर पर गई तो उन्होंने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कम से चादर तो बदली ही जा सकती है।
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पुलिस इंफॉरमेशन रजिस्टर तक नहीं
एडी हेल्थ ने जिला महिला अस्पताल में पुलिस इंफॉरमेशन रजिस्टर के बारे में जानकारी की तो स्टाफ में मौजूद कर्मचारी इधर-उधर फाइलें पलटने लगे। इस पर उन्होंने कहा कि सीधे बताओ की रजिस्टर नहीं है, यदि नहीं है तो तुरंत बनाओ और पुलिस को मरीज के बारे में प्रारंभिक सूचना दो।
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प्राइवेट एंबुलेंस पर शिकंजा कसने के निर्देश
एडी हेल्थ ने कहा कि 102,018 एंबुलेंस से आने और जाने वाले मरीजों का नाम अस्पताल के रजिस्टर में दर्ज होना चाहिए। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी यदि प्राइवेट एंबुलेंस वाले यहां से मरीज को प्राइवेट नर्सिंग होम लेकर जाते हैं तो सीएमओ को लिखकर दीजिए। ऐसे लोगों का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
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