28 करोड़ से शहरी पावर नेटवर्क का होगा कायाकल्प
0 नगर निगम क्षेत्र 15 अगस्त तक नो ट्रिपिंग जोन बनाने की तैयारी
0 नए फीडर तैयार करने को कार्य योजना बनाने में जुटे अभियंता
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। ट्रांसफार्मरों में तेल की कमी या फिर जर्जर हो चुकीं बिजली लाइनों में ओवरलोडिंग से होने वाली ट्रिपिंग की समस्या अब अतीत की बात हो जाएगी। प्रदेश शासन द्वारा आगामी 15 अगस्त तक जिला मुख्यालय (नगर निगम सीमा क्षेत्र) को नो ट्रिपिंग जोन बनाए जाने के मद्देनजर विभागीय अभियंता कार्य योजना बनाने में जुट गए हैं। इसके लिए शासन नेे 28 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत कर दिया है। इस बजट से महानगर सीमा क्षेत्र में पुरानी लाइनें बदलने के साथ जरूरी संसाधन जुटाने और लाइन स्टाफ की कमी दूर करने के लिए संविदा आधार पर कर्मचारी भी नियुक्त किए जाएंगे।
नगर विकास मंत्री के गृह जनपद को बिजली सप्लाई के मामले में विशेष दर्जा देकर मध्यांचल विद्युत वितरण निगम पहले ही कटौती मुक्त घोषित कर दिया हो, लेकिन विभागीय भंडार गृह में केबल, जीआई वायर, क्लैंप, इंसुलेटर, ट्रांसफार्मर आदि संसाधनों की कमी पहले जैसी बनी हुई है। यही वजह है कि हर साल घनघोर सर्दी या फिर भीषण गर्मी के सीजन में बिजली की खपत बढ़ने के साथ शहरी पावर नेटवर्क की एचटी-एलटी लाइनों समेत ट्रांसफार्मरों के फाल्ट से न सिर्फ आम लोगों का जनजीवन संकट में पड़ जाता है, औद्योगिक उत्पादन और कारोबार भी प्रभावित होने लगता है। बहुधा लाइन स्टाफ की कमी से मामूली फाल्ट ठीक होने में भी घंटों लग जाते हैं। पावर नेटवर्क के इन्हीं हालातों में सुधार लाने के लिए नो ट्रिपिंग जोन एरिया में कई जरूरी काम किए जाने के प्रस्ताव बरेली स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय के माध्यम से मध्यांचल निगम मुख्यालय भेजे गए थे, जिन्हें स्वीकृति मिल गई है।
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ट्रिपिंग रोकने को पावर नेटवर्क पर होंगे सभी कार्य
करीब डेढ़ माह पूर्व 11 केेवी क्षमता वाली हाईटेंशन लाइनों और 220 वोल्ट की सर्विस लाइनों समेत ट्रांसफार्मरों के अनुरक्षण का काम कराया गया था। इसके लिए मुख्य मार्गों की लाइनों में सुधार किए जाने के साथ ट्रांसफार्मरों के केबल ज्वाइंट और उनमें भरे तेल की जांच कराई गई, लेकिन बिजली की मांग बढ़ने के साथ ओवरलोडिंग से फाल्ट बढ़े तो यह सारी तैयारियां धरी रह गईं। इसलिए नो ट्रिपिंग जोन को प्रभावी बनाने के लिए उन सभी कार्यों को शामिल किया जा रहा है, जिनसे बिना अवरोध के बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। मसलन, ओवरलोडिंग की समस्या वाले क्षेत्रों के लिए नए फीडर बनाने के साथ सभी फीडरों पर मीटर लगाए जाएंगे, जिससे कि बिजली चोरी से होने वाली ओवरलाडिंग के क्षेत्रों की पहचान हो सके। कृष्णानगर के लिए 33 केवी का सब स्टेशन पहले से स्वीकृत है। शहर और उपनगर रोजा के बीच तेजी से विकसित हो रहे आबादी क्षेत्र में नए सब स्टेशन की स्थापना पर विचार हो रहा है।
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लाइन फाल्ट ठीक करने को मिलेगी मोबाइल वैन टीम
महानगर सीमा क्षेत्र में ट्रांसफार्मर अथवा बिजली लाइनों में कोई फाल्ट होने की सूचना मिलते ही मोबाइल वैन टीम सक्रिय हो जाएगी। इसके लिए शहरी क्षेत्र में बिजली सप्लाई का दारोमदार संभाले विद्युत वितरण खंड द्वितीय को बहुत जल्द आवश्यक उपकरणों और जरूरी टूल्स से लैस मोबाइल वैन मिल जाएगी। अधिकारियों के अनुसार वैन पर लाइन स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। स्टाफ की कमी दूर करने के लिए संविदा आधार पर कर्मचारी नियुक्त होंगे और इससे तमाम युवा रोजगार से जुड़ सकेंगे।
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दो माह में पावर नेटवर्क हो जाएगा अपग्रेड
प्रदेश के 17 नगर निगमों को तीन चरणों में नो ट्रिपिंग जोन में शामिल किया जाना है और इसमें शाहजहांपुर नगर निगम को तीसरे चरण में शामिल किया गया है। नगर विकास मंत्री के शहर में पावर नेटवर्क को अपग्रेड करने का काम पहले से जारी है, लेकिन अब नेटवर्क के सुधार कार्य में तेजी आ जाएगी। दो माह के अंदर इतने काम होंगे कि शहरी क्षेत्र की बिजली वितरण व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव हर किसी को दिखने लगेंगे।
-अजीत कुमार श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता, पावर कॉरपोरेशन