जिले की सभी दमकल यूनिट के साथ आसपास जिलों की यूनिट भी पहुंची मौके पर
जलने की गंध आने पर व्यापारी की पत्नी को हुई घटना की जानकारी
रात डेढ़ बजे लगी आग, पानी की बौछार के बीच भी जल रहा था सामान
शाहजहांपुर। शहर में घंटाघर के पास सोमवार रात डेढ़ बजे अशोका फर्नीचर के शोरूम और गोदाम में आग लगने से लाखों रुपये का सामान राख हो गया। आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन व दमकल यूनिट में हड़कंप मच गया। जिले की दमकल यूनिट के साथ ही आसपास जिले की दमकल यूनिटों ने मौके पर पहुंचकर बमुश्किल आग पर काबू पाया लेकिन तब तक सारा सामान जल चुका था।
अशोका फर्नीचर शोरूम पर अशोक व उनकी पत्नी गीता दोनों बैठते हैं। उनका घर शोरूम के पास ही है। सोमवार रात अशोक के घर पर उनकी बहनें आईं हुईं थीं, इसलिए देर रात तक परिवार के लोग जाग रहे थे। रात लगभग एक बजे गीता को फर्नीचर और फोम के गद्दे आदि जलने की गंध लगी तो उन्होंने बेटे अयन को बाहर शोरूम की तरफ भेजा। जब वह शोरूम की तरफ पहुंचा तो देखा कि शटर की दराजों से धुआं निकल रहा है। इस पर उसने भाग कर मां और पिता को जानकारी दी। तुरंत दमकल यूनिट को जानकारी दी गई। रात 1:45 बजे दमकल की एक गाड़ी सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची और आग बुझाने की कोशिश शुरू की। पानी की बौछार से शटर को ठंडा करके जब खोला गया तो अंदर लपटें उठ रहीं थीं। आग की विकरालता को देखते हुए एक के बाद एक दमकल की गाड़ियों को मौके पर बुलाने के साथ ही एसपी को भी सूचना दे दी गई। जिले की सभी तहसीलों से दमकल की गाड़ियों और प्राइवेट सेक्टर की आग बुझाने की गाड़ियों के अलावा आसपास जिलों की दमकल को भी बुला लिया गया। आग बुझाने के लिए 20 गाड़ियों को लगाया गया। जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक सारा सामान जल चुका था।
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बरेली, बदायूं, सीतापुर की दमकल यूनिटों ने भी की मशक्कत
आग बुझाने के लिए शहर के अलावा पुवायां, जलालाबाद, कलान, तिलहर की दमकल की गाडिय़ों को बुलवा लिया गया। फिर भी आग पर काबू नहीं हो पा रहा था। तब फिर कृभको श्याम फर्टिलाइजर, ओसीएफ, रिलायंस और केआर पेपर मिल की भी एक-एक गाड़ियां बुला लीं गईं। आग फिर भी काबू में नहीं आ रहीं थीं। तब फिर बरेली, फरीदपुर, पीलीभीत, बीसलपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर से एक-एक और बदायूं से दो गाडिय़ां बुलाईं गईं।
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छह घंटे तक चला ऑपरेशन, तब बुझी आग
शोरूम में लगी आग पीछे गोदाम में भी आग पहुंच चुकी थी। लकड़ी का फर्नीचर फोम के गद्दे आदि तेजी से आग पकड़ रहे थे। दुकान के पीछे गोदाम तक पहुंचने के लिए पहले सामने की आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा था, जब तक सामने की आग पर काबू पाया, तब पीछे गोदाम और छत पर बने गोदाम का भी सामान पूरी तरह से आग में घिर चुका था। सीएफओ रेहान अली, एफएसओ यदुनाथ सिंह के नेतृत्व में लगी टीम द्वारा एक छोटी गाड़ी गली से लगाकर गोदाम की तरफ ले जायी गई। कुछ गाडिय़ों का पाइप खंडेलवाल की दुकान की छत अशोका के शोरूम तक पहुंचाया गया। दमकल यूनिट के जवान खंडेलवाल की दुकान की छत पर पहुंचे और अशोका के शोरूम की छत पर टीम हटाकर उसमें पानी की बौछार करके आग पर काबू पाया गया। वहीं गोदाम में जहां आग लगीं थी, वहां जीना ऊपर गोदाम में जाने का था। बिना आग पर काबू पाए वहां पहुंचना मुश्कि ल था। गोदाम में आग पर काबू पाने में की कड़ी मशक्कत करनी पड़ गई। इस आग को काबू पाने के लिए दमकल की 20 युनिट को छह घंटे से अधिक का समय लग गया।
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दुकान मालकिन ने रंजिशन आग लगाने का लगाया आरोप
सारा सामान जल जाने से अशोक कुमार की हालत बिगड़ गई। उन्हें परिजनों ने घर में लिटा दिया था। उनकी पत्नी गीता ने बताया कि उनके शोरूम व गोदाम में रंजिशन आग लगाई गई है। उन्होंने नाम नहीं बताया लेकिन कुछ लोगों पर इशारा जरूर किया है। उनका कहना था कि बेटा चेन्नई से आ जाए, तब तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने घंटाघर पर पुलिस पिकेट ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना था कि जब शटर से धुआं निकल रहा था, तब सिपाहियों को उन्हें या फायर ब्रिगेड को सूचना देनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने सूचना नहीं दी।