शाहजहांपुर। कायाकल्प योजना के तहत जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के विभागीय मूल्यांकन के दौरान गुणवत्ता में 70 फीसदी से ज्यादा अंक प्राप्त किए हैं।
इस योजना के तहत अस्पताल में दी जाने वाली सेवाओं में गुणवत्ता परखी जाती है। इसके लिए तीन स्तरीय मूल्यांकन किया जाता है। पहला मूल्यांकन जिला स्तरीय विभागीय होता है। इसके बाद मंडलीय और फिर राज्य स्तरीय मूल्यांकन को प्रादेशिक अधिकारी आते हैं। इसमें साफ सफाई से लेकर मरीजों को दी जाने वाली सुविधाएं भी शामिल होती हैं। कायाकल्य योजना को विधिवत संचालित करने को जिला अस्पताल में दो क्वालिटी मैनेजर को रखा गया है। प्रथम मूल्यांकन में जिला महिला अस्पताल को 75 फीसदी अंक और पुरुष अस्पताल को 73 फीसदी अंक मिले हैं। प्रादेशिक मूल्यांकन में यदि जिले को प्रथम पुरस्कार मिलता है तो 50 लाख रुपये का पुरस्कार, दूसरा पुरस्कार 20 लाख और तीसरा 10 लाख है। इस धनराशि का उपयोग मुख्य चिकित्सा अधीक्षक 75 फीसदी रोगी कल्याण समिति में तो 25 फीसदी उन कर्मचारियों को सम्मानित करने में कर सकते हैं जिनका योगदान साफ सफाई में ज्यादा रहा है। पहला स्कोर 70 फीसदी से ज्यादा आने पर जिला महिला अस्पताल की क्वालिटी मैनेजर डॉ. आरती खासी उत्साहित हैं। कहती हैं स्कोर और ऊंचा ले जाने की कवायद है ताकि राज्य स्तरीय मूल्यांकन में पुरस्कार लाकर अपने अस्पताल को विशेष श्रेणी में रखू। जिला महिला अस्पताल के आरएसके मैनेजर सूर्य प्रताप भी क्वालिटी इंश्योरेंस कार्यक्रम में जी जान से लगे हुए हैं।
क्वालिटी इश्योरेंस कार्यक्रम में दोनों अस्पतालों का स्कोर 70 फीसदी से अधिक है। प्रयास है कि सुविधाओं को और बेहतर कर स्कोर को सौ फीसदी कर दिया जाए। ताकि राज्य स्तरीय मूल्यांकन में शाहजहांपुर को पहला पुरस्कार मिले।
अमित द्विवेदी, आरएसके मैनेजर जिला अस्पताल