शाहजहांपुर। विकास भवन सभागार में मंगलवार को हुई जिला सिंचाई बंधु समिति की बैठक में एक बार फिर खराब पड़े राजकीय नलकूपों और कुलाबों की वजह से कई माइनरों के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचने का मुद्दा उठा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप यादव ने जून-जुलाई में अपर्याप्त बारिश के मद्देनजर फसलों की सिंचाई के नलकूपों की बिजली लाइनेें ठीक कराने के साथ संबंधित अधिकारियों से नहरों और नलकूपों की मरम्मत पर व्यय की गई धनराशि का ब्यौरा तलब कर लिया।
समिति के सदस्य जन प्रतिनिधियों और उनके नुमाइंदों ने नहरों और नलकूपों की दशा में सुधार नहीं होने पर रोष जताते हुए इस मद में अधिकांश शासकीय धन की बरबादी होेने का आरोप लगाया। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा ने बताया कि जिले में नौ माइनरों की सफाई कराई गई और नलकूपों की मरम्मत पर 64.80 लाख रुपये व्यय हुए हैं। इस पर सदस्यों ने नहरों-नलकूपों से जुड़ी दिक्कतेें बतानी शुरू कर दीं।
नगर विकास मंत्री के प्रतिनिधि/ विधायक मानवेंद्र सिंह ने नलकूप वार व्यय विवरण दिए जाने पर जोर दिया। कटरा के विधायक प्रतिनिधि सुशील कुमार गुप्ता कपसेड़ा गांव के पास खुदागंज रजबहा की सिल्ट सफाई पर सवाल खड़ा किया। इस पर सहायक अभियंता ने स्पष्ट किया कि इस नहर की अभी सिल्ट सफाई नहीं हुई है। जिला पंचायत अध्यक्ष एक्सईएन को नहरों-नलकूपों के रखरखाव पर खर्च की सूची सदस्यों को उपलब्ध कराने, लोधीपुर माइनर की पटरी पर रखा मीटर का खोखा जल्द हटवाने के निर्देश दिए। बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री के प्रतिनिधि शांति प्रकाश अवस्थी, तिलहर विधायक के प्रतिनिधि जितेंद्र नाथ आर्य, पुवायां विधायक के प्रतिनिधि हृदयेश पांडेय, सपा एमएलसी के प्रतिनिधि जितेंद्र यादव समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।