ककराकलां निवासी नईम ने नगर निगम के ई-बस चार्जिंग स्टेशन के पास बटाई में खेत ले रखा है। इसमें वह खीरा, ककड़ी, तोरई उगाते हैं। रविवार की सुबह करीब छह बजे नईम अपनी बेटी स्वालिया के साथ सब्जी तोड़ने खेत पर गए थे। वहां पहुंचने पर नईम ने बेटी से कहा कि दूसरे खेत से जाकर भाई इकराम को बुला लाए। दोनों खेतों के बीच करीब दो सौ मीटर की दूरी है। बेटी अपने भाई के पास आ रही थी, तभी रास्ते में कुत्तों के झुंड ने उसे दौड़ा लिया।
गले और सीने से नोचा मांस
नीचे गिरने पर कुत्तों ने उसे नोचना शुरू कर दिया। यह इलाका थोड़ा सुनसान रहता है। उसकी चीखें सुनकर भाई इकराम बाइक से उसके पास आया। इसी दौरान बाइक अनियंत्रित होने से वह गिर गया और उसके चेहरे पर चोट आ गई। फिर भी उसने कुत्तों को भगाया। कुत्तों ने स्वालिया के गले और सीने पर मांस नोच लिया था। चीख-पुकार सुनकर नईम भी भागकर वहां आ गए। उसे गोद में लेकर पिता-पुत्र राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां पर बच्ची की मरहम पट्टी की गई।
डॉक्टर ने उन्हें बरेली या लखनऊ ले जाने के लिए कहा। परिजन उसे बाहर ले जाने की तैयारी कर रहे थे तभी डॉक्टर ने परीक्षण कर उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने शव के पोस्टमॉर्टम से इन्कार कर दिया और शव लेकर घर चले गए।