दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सपा मुखिया के गढ़ में खूब दहाड़े।
ऐतिहासिक मैदान पचराहा में रविवार की शाम आयोजित ‘अधिकार दो’ रैली में सपा मुखिया के गृह जनपद में ही उनके खिलाफ बगावत का ऐलान किया।
उन्होंने तल्ख लहजे में सपा मुखिया पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि अब मुसलमान सपा का मिशन 2014 का सपना पूरा नहीं होने देंगे।
उन्होंने कहा कि हमें भीख नहीं हक चाहिए। मुसलमान सपा का नहीं, मुल्क का वफादार है।
बुखारी ने कहा हम जिस सपा के खिलाफ मैदान में निकले हैं, उसके गढ़ से ही बगावत का ऐलान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मुल्क में हिंदू-मुस्लिम को जज्बाती मसलों में उलझाए रखा गया।
उन्होंने कहा कि मैं हिंदुओं का दुश्मन नहीं बल्कि जालिम का दुश्मन हूं। मुझे कैद में तो डाला जा सकता है पर मेरी जुबान बंद नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा कि अधिकार दो रैली के लिए इटावा को इसीलिए चुना क्योंकि यहां की जिस सियासी पार्टी को मुसलमानों ने खून से सींचा उसका खात्मा कर सकें।
उन्होंने ऐलान किया कि मुसलमान को किसी की गुलामी मंजूर नहीं। वोट सबको चाहिए परंतु मुसलमान को देने के लिए किसी के पास कुछ नहीं है।
उन्होंने कहा कि सपा 2014 में 60 सीटें जीतने का जो सपना संजोए है वह मुंगेरीलाल का सपना हो सकता है। उन्होंने कहा कि मैंने कभी मुसलमानों की ठेकेदारी नहीं की। ठेका मुसलमानों ने तुम्हें दिया था। अब हम ठेका छीनेंगे।
इससे पहले प्रेस कांफ्रेंस में बुखारी ने कहा कि यदि मुसलमानों ने तख्त दिया है तो उसको छीन भी लेंगे। प्रदेश सरकार ने मुसलमानों के प्रति जो रवैया अपनाया है उसकी मुसलमानों को कतई उम्मीद नहीं थी।
इससे तो यही लगता है कि भाजपा और सपा के बीच खुफिया समझौता हुआ है। सपा ने जो धर्मनिरपेक्ष चेहरा दिखाया था, वह सिर्फ धोखा था।
जितनी तेजी के साथ मुस्लिम समुदाय के लोग जुड़े थे, उतनी ही तेजी से उनसे दूर हटेंगे। उन्होंने कहा कि मैं मुसलमानों से कहता रहा हूं या तो बनाने वाले बनो या फिर बिगाड़ने वाले।
वर्ष 2014 में मुलायम सिंह मुल्क के वजीरेआला बनने का सपना देख रहे हैं। पर वजीरेआला का रास्ता यूपी से होकर जाता है। प्रदेश में हर वर्ग के लोग इस सरकार से नाराज है।
उन्होंने कहा कि अब सपा के साथ जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने दिल्ली में बच्ची के साथ हुई दुष्कर्म की घटना को शर्मनाक बताया और कहा कि जहां बच्चियों की अस्मत लुटे, कानून का राज न हो ऐसी सरकार को रहने का कोई हक नहीं।