उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में शुक्रवार की सुबह मांगलिक कार्यक्रम के दौरान गंगा में डूबने से दूल्हा-दुल्हन समेत सात लोगों की मौत हो गई। इस दुर्घटना में डूब रहे आठ लोगों को आसपास के युवकों ने बचा लिया। इस दुर्घटना ने क्षेत्र के लोगों को हिलाकर रख दिया है।
घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के बयेपुर देवकली गांव के पास सुबह लगभग साढ़े दस बजे हुई। बीते बुधवार को जंगीपुर थाना क्षेत्र के तारनपुर गांव निवासी दीपक पाल (25) की शादी वाराणसी के दसवतपुर (चौबेपुर) निवासी चांदनी (22) के साथ हुई थी।
शादी की रस्म निभाने में हुई दुर्घटना
शुक्रवार को दुल्हा-दुल्हन के साथ परिवारीजन सेहरा छुड़ाने की रस्म (शादी के बाद दूल्हे के सेहरे को पवित्र नदी के उस पार छोड़ आना) के लिए अपने रिश्तेदार अशोक पाल के गांव भटौली पहुंचे। यहां से सभी बयेपुर देवकली घाट आए।
सेहरा छुड़ाने के लिए परिवार के 15 लोग एक छोटी नाव में सवार हो गए। क्षमता से अधिक सवारी होने पर नाव संचालक ने ले जाने से मना किया लेकिन लोग नाव से नहीं उतरे। नाव चली लेकिन वह 25 मीटर ही आगे गई थी कि असंतुलित हो गई।
कोई कुछ समझ पाता तब तक वह पलट गई। इस पर नाव संचालक तैरकर भाग निकला। इस हादसे में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई।
मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स
डूबकर मरने वालों में दूल्हा दीपक पाल, दुल्हन चांदनी, दूल्हे का छोटा भाई दिलीप (9), बहन जानकी (25) पत्नी सुभाष, निवासी रुकसड़ा (आजमगढ़), बुआ दुर्गावती (55) पत्नी केदार पाल, निवासी चक मेंहदी (मऊ), प्रभा (40) पत्नी शिवमुनि पाल, निवासी तिराहीपुर, मुहम्मदाबाद तथा प्रियंका (08) पुत्री पप्पू पाल निवासी बरईपुर, चिरईगांव (वाराणसी) शामिल हैं।
ग्रामीण युवकों ने पुष्पा देवी, सोनी, दूल्हे की मां सरोज, इंदू, लालदेई देवी, सविता, देवंती तथा उर्मिला को बचा लिया। हालत खराब होने पर पुष्पा और सोनी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उनकी हालत अब सामान्य है।
सूचना पर एसडीएम सदर विशाख कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में ले लिया।