सात अक्तूबर 2016 को मुख्तार के लोग उसे और उसके भाई को घर से जबरन कचहरी ले आए और पहले से तैयार कागजात पर दस्तखत कराने लगे। आरिफ ने बताया कि जब उसने और उसके भाई ने पूर्व निर्धारित रकम देने को कहा तो सभी ने मुख्तार अंसारी के नाम की धमकी देकर जान जाने की बात कही।
इसके बाद आरिफ और उसके भाईयों को 22 लाख 50 हजार के दो चेक दिए गए। चेक को बैंक में जमा किया गया तो वह बाउंस कर गए। काफी भागदौड़ करने के बाद सभी ने सात मार्च 2017 को फिर चेक दिया।
फिर चेक बाउंस हो गए तो पैसा मांगने पर जान से मारने की धमकी दी गई। 13 जनवरी 2021 को वह सदर तहसील से घर की ओर जा रहा था। उसी दौरान उसे विक्रम ब्रिज, अफजाल और दो अन्य ने पिस्टल सटा कर मुख्तार के नाम से 50 लाख रुपये का गुंडा टैक्स मांगा।
इसके साथ ही सभी ने जमीन और बकाया पैसा भूल जाने की धमकी दी। इस घटना से वह और उसका पूरा परिवार परिवार भयभीत है। इस संबंध में इंस्पेक्टर शिवपुर राजीव रंजन उपाध्याय ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर प्रकरण में कार्रवाई की जाएगी।