उत्तरप्रदेश सरकार उत्तराखंड की आपदा में यूपी के मृतकों व लापता लोगों के परिजनों को अपने स्तर से सहायता देने पर विचार कर रही है।
इसमें आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए राजस्व मंत्री अंबिका चौधरी केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे व राष्ट्रीय आपदा प्रबंध प्राधिकरण (एनडीएमए) के उपाध्यक्ष शशिधर रेड्डी से बात करेंगे। प्रदेश में अब तक 1925 लोगों के लापता होने की खबर है।
राजस्व मंत्री ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि उत्तराखंड की दैवीय आपदा में यूपी ने सर्वाधिक 25 करोड़ रुपये की मदद की।
वहां फंसे हुए लोगों को निकालने में जहां सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ व आईटीबीपी के जवानों ने उत्कृष्ट कार्य किया वहीं राहत शिविर, हेल्थ कैंप, 300 बसों व छोटी गाड़ियों के जरिए लोगों को उनके घर पहुंचाने में प्रदेश सरकार ने हर संभव कोशिश की।
सरकार सूबे के मृतकों व लापता लोगों के परिजनों को भी अनिवार्य रूप से मदद करेगी।उत्तराखंड आपदा में देश भर से वहां गए लोग प्रभावित हुए लेकिन हादसे को राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं किया गया। इस वजह से मुआवजा देने में कुछ अड़चन आ रही है। मसलन, लापता लोगों को आमतौर पर मृत घोषित करने के लिए सात साल का वक्त चाहिए।
हादसा उत्तराखंड में हुआ है। ऐसे में लापता लोगों को मृत घोषित करने की समयसीमा यहां किस तरह शिथिल की जाए? इसके अलावा मौतें भी उत्तराखंड में हुई हैं और लोग लापता भी वही हैं।
आमतौर पर जहां घटना होती है, वहीं से सहायता उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे यूपी अपने राज्य के मृतकों व लापता लोगों के परिजनों को किस तरह से मदद दे इस पर भी विचार किया जाना है।