सपा सरकार की लैपटॉप वितरण योजना में एक महाविद्यालय द्वारा धांधली के प्रयासों का खुलासा हुआ है।
जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) ने जांच में पाया कि महाविद्यालय ने नियम विरुद्ध एक छात्र व एक छात्रा का नाम लाभ पाने के लिए सूचीबद्ध कर भेज दिया था।
नियम से हुआ खिलवाड़
यह दोनों विद्यार्थी वर्ष 2011 के इंटरमीडिएट उत्तीर्ण मिले, जबकि नियमानुसार वर्ष 2012 में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण को ही इस योजना का लाभ दिया जा सकता है।
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इसी महाविद्यालय के एक छात्र के नाम में भी भिन्नता पाई गई है। डीडीओ ने घपले की लिखित रिपोर्ट जिलाधिकारी को दे दी है।
मांगी गई थी लिस्ट
दरअसल, योजना का लाभ दिलाने के लिए महाविद्यालयों से ही जांच के बाद पक्की लिस्ट मांगी गई थी। इसमें कहा गया था कि उन्हीं छात्र-छात्राओं का नाम छानबीन के बाद भेजा जाए।
डीएम ने कराया वैरिफिकेशन
महाविद्यालयों ने अपनी सूची डीआईओएस कार्यालय को दी थी। वहां से जिला प्रशासन को पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई। बीते दिनों डीएम ने जिले के 16 अफसरों को कॉलेज में लैपटॉप के लिए सूचीबद्ध छात्र-छात्राओं के नाम के वैरिफिकेशन का जिम्मा सौंपा।
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डीडीओ मोहनलाल पटेल ने गत दिवस अकबरपुर नगर के भानुमती स्मारक महाविद्यालय की जांच की, तो उसम खुलासा हुआ।