बेलहर में विनता देवी का खाली पड़ा घर
बेलहर। माइक्रो फाइनेंस कंपनियों का जाल पूरे जनपद में फैल चुका है। समूह लोन पास करवाने के लिए माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के एजेंट महिलाओं की फर्जी आईडी बनवाने से भी गुरेज नहीं करते हैं। बेलहर नगर पंचायत क्षेत्र में कई महिलाओं के साथ घटनाएं हुई हैं। मकड़जाल में फंसी महिलाएं लंबी-चौड़ी किस्त देने पर मजबूर हैं। किस्त न भर पाने की वजह से कई महिलाएं तो पलायन भी कर चुकी हैं।
बेलहर क्षेत्र में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के अभिकर्ताओं ने अपना पूरा जाल फैला रखा है। महिलाओं को समूह बनाकर लोन लेने के लिए प्रेरित करते हैं। अगर किसी महिला के पास पैन कार्ड तथा अन्य कागजात नहीं होता है तो वह भी बनवाने का काम करते हैं। इसी को वह प्रोसेसिंग का नाम देते हैं। यही नहीं अगर महिला ने अपने आधार कार्ड पर पहले कोई लोन लिया है तो वह उसका दूसरा आधार कार्ड और निर्वाचन कार्ड बनवाकर दूसरी कंपनी से लोन दिला देते हैं।
आधार कार्ड, निर्वाचन कार्ड व पैन कार्ड बनवाने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस के अतिरिक्त दो हजार से चार हजार रुपये की वसूली की जाती है। प्रोसेसिंग फीस और बीमा की धनराशि जो लगभग पांच होती है, वह पैसा काटकर महिलाओं को लोन दिया जाता है। बेलहर थाना क्षेत्र के नगर पंचायत बेलहर कला, बेलहर खुर्द, मंझरिया पाठन, बभनी सहित सभी जगह पर ऐसे छोटे-छोटे समूह बनाकर महिलाओं द्वारा लोन लिया गया है। सबकुछ जानने के बाद भी अपने रिश्तेदारों, सहेलियों व एजेंटों के प्रभाव में आकर महिलाएं लगातार लोन ले रही हैं तथा किस्तों के जाल में फंसकर सबकुछ लुटा देती हैं।