परिषदीय स्कूलों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तीन वर्ष वर्ष पहले चुने गए विद्यालय प्रबंध समिति के कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया है। अब नई कार्यकारिणी का गठन 25 जुलाई से पूर्व करने का निर्देश शासन ने जारी किया है। विभाग नए सिरे से विद्यालय प्रबंध समिति के चुनाव को लेकर तैयारी शुरू कर दिया है। हर ब्लॉक में अगल-अलग तिथियों में चुनाव कराया जाएगा।
तीन वर्ष पूर्व विद्यालय प्रबंध समिति का चुनाव हुआ था। जिसमें विद्यालय पर पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों में से एक को समिति का अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष व 10 कार्यकारिणी सदस्य का चुनाव हुआ था। इन पदाधिकारियों का कार्य मिड-डे-मील, ड्रेस, किताबों का वितरण, विद्यालय के मद में किए जाने वाले कार्य समेत अन्य सभी योजनाओं के क्रियान्वयन कराना था, लेकिन चुनाव के बाद पदाधिकारियों का कार्य सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गया है। समिति के पदाधिकारी सिर्फ रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने का कार्य करते रहे। उनका योजनाओं से कोई मतलब नहीं रहा।
चुने गए पदाधिकारी अपने दायित्वों को भूल गए। विद्यालय के प्रधानाध्यापक चेक व कार्रवाई रजिस्टर पर अध्यक्ष का हस्ताक्षर करा लेते हैं जबकि अन्य सदस्यों का हस्ताक्षर नहीं होता है। इसकी शिकायत शासन स्तर तक पहुंची तो शासन ने विद्यालय प्रबंध समिति के कार्यकारिणी को भंग करते हुए नए सिरे से कार्यकारिणी के गठन का निर्देश जारी किया है।
जनपद में 1075 प्राथमिक विद्यालय, 444 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 34 माध्यमिक विद्यालय, 35 बेसिक शिक्षा विभाग से अनुदानित विद्यालय और 14 मदरसों में विद्यालय प्रबंध समिति का गठन होना है। 25 जुलाई तक हर विद्यालयों पर कार्यकारिणी का गठन करते हुए उसकी सूचना 30 जुलाई को राज्य परियोजना कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
डीसी सामुदायिक सहभागिता रजनीश वैद्यनाथ ने बताया कि 1602 विद्यालय में विद्यालय प्रबंध समिति का गठन किया जाना है। जिसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को ब्लॉक वार तिथि जारी कर दिया गया है। 25 जुलाई से पूर्व समिति का गठन कर लिया जाएगा। समिति का गठन होते ही उनका प्रशिक्षण भी शुरू करा दिया जाएगा।