संतकबीरनगर। शासन ने अब भुगतान की व्यवस्था बदल दी है। इसके तहत अब सभी स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन, मानदेय और पारिश्रमिक का भुगतान ट्रेजरी से होगा। इसके लिए नई व्यवस्था पर कार्य चल रहा है। जिससे अगस्त माह का भुगतान अब तक नहीं हो सका है। जिसके कारण स्वास्थ्य कर्मियों को आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले में चिकित्सक, नर्स, एएनएम, आशा और आशा संगिनी के साथ ही अन्य कर्मियों की तैनाती है। पूर्व में सभी के वेतन, मानदेय व परिश्रमिक का भुगतान एनएचएम के खोते से होता रहा है, लेकिन अब व्यवस्था बदल गई और भुगतान स्टेट स्तर से ट्रेजरी के जरिए किया जाना है। पारदर्शिता के नाम पर हुए इस बदलाव के चलते अगस्त माह का भुगतान अब तक नहीं हो सका है। स्वास्थ्य विभाग में कार्य कर रहे लोग बच्चों की फीस से लेकर घर का खर्च तक पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत आशा और आशा संगिनी को झेलनी पड़ रही है। वैसे जिले में 1957 आशा और 84 आशा संगिनी कार्यरत हैं। भुगतान न होने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि समय से वेतन, मानदेय और पारिश्रमिक न मिलने से आर्थिक और मानसिक परेशानी से गुजरना पड़ रहा है। घरेलू खर्च और बैंक की मासिक किस्त चुकाने ने दिक्कत हो रही है।
यह स्थिति तब है जबकि शासन का निर्देश है कि पांच तारीख तक भुगतान हो जाए। आशा प्रमिला देवी, सुनीता आदि ने बताया कि भुगतान न होने के कारण बच्चों की फीस तक नहीं भर पा रहे हैं। ऐसे में जल्द से जल्द भुगतान कराया जाए।