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Sant Kabir Nagar News: सती का नहीं मिटा भ्रम तो श्रीराम की ली परीक्षा

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रोसयाबाजार। पौली क्षेत्र के गागरगाड गांव स्थित राम जानकी मंदिर में चल रही राम कथा में रविवार को अवध धाम से पधारे कृष्णा नंद शास्त्री गर्ग ने रामकथा से सती मोह की कथा का रसपान कराया। कथा व्यास ने कहा कि जब सती को राम के ईश्वर होने पर संदेह हुआ और भगवान शिव के समझाने के बाद भी भ्रम दूर नहीं हुआ तो उन्होंने श्रीराम की परीक्षा ली।
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कथा व्यास ने कहा कि जिस समय भगवान शंकर मां सती के साथ सत्संग के बाद अगस्त्य मुनि के आश्रम से लौट रहे थे, उसी समय रावण द्वारा मां सीताहरण से श्रीराम व्याकुल हो जहां-तहां सीता की खोज कर रहे थे। भगवान शिव श्रीराम की नर लीला को देख कर मन ही मन प्रसन्न हो श्रीराम को प्रणाम किया। ऐसा देख सती को राम पर ईश्वर होने पर संदेह हो गया। बार-बार शिव के समझाने के बाद भी सती का भ्रम नहीं मिटा तो शिव ने सती को परीक्षा लेने के लिए कह दिया और मन ही मन विचार किया कि होहि सोइ जो राम रचि राखा, को करि तरक बढाबहि साखा।
सती परीक्षा लेने के क्रम में सीता का वेश बना कर राम के सामने चली गईं, लेकिन राम ने सती को पहचान लिया और प्रणाम किया और शिव का समाचार पूछा। सती जी लज्जित होकर राम के ऐश्वर्य से परिचित हो शिवजी के पास लौट गईं और शिव से पूछने पर झूठ बोल गईं। शिव ध्यान में सती को सीता रूप को भी देख लेते हैं, तो उन्हें बड़ा दुख हुआ और उन्होंने सती का पत्नी के रूप में परित्याग करने का प्रण कर लिया।
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कथा के दौरान संतोष यादव, पुजारी संतोष दास, बाबूराम शर्मा, वीरेंद्र यादव आदि लोग मौजूद रहे।
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