खेत में दवा का छिड़काव करता किसान-संवाद
- फोटो : सांकेतिक
हरिहरपुर। गेहूं की फसल में कई प्रकार के खर-पतवार उग जाने से किसान परेशान हैं। पैदावार प्रभावित न हो, इसके लिए किसान खेतों में खर-पतवार नाशक का छिड़काव कर रहे हैं। इससे फसल की लागत भी बढ़ती जा रही है।
इस साल बारिश के चलते खेतों में नमी बरकरार थी। बिना सिंचाई किए ही किसानों ने खेत में गेहूं और सरसों की बुआई कर दी। गेहूं की सिंचाई के समय खेतों में कई प्रकार के खर पतवार उग आए। किसान अशोक कुमार, दीपेंद्र पटेल ने बताया कि अलग-अलग तरह के खर पतवारों को नष्ट करने वाले रसायनों की कीमत भी अधिक है। एक एकड़ में छिड़काव के लिए करीब एक हजार रुपये का खर पतवार नाशक और छिड़काव के लिए चार सौ रुपये मजदूरी का खर्चा आ रहा है।
फसल की बुआई और सिंचाई में लागत लगा चुके किसानों के लिए खर पतवार परेशानी का सबब बन गए हैं। फसलों की पैदावार के सहारे परिवार के भरण पोषण का जिम्मा और बच्चों की पढ़ाई का सपना संजोए किसान अब कर्ज लेकर खेतों में छिड़काव करा रहे हैं। किसान हनुमान पटेल ने बताया कि इस साल खेतों में नमी के चलते बिना सिंचाई किए ही किसानो ने गेहूं के फसल की बुआई कर दी। सिंचाई करने के बाद बुआई करने से खेत में खर पतवार का जमाव हो जाता है जो बुआई के समय खेत की जुताई करने से नष्ट हो जाते हैं।