सीएचसी सेमरियावां के मुख्य गेट पर जलभराव के बीच आवागमन करते मरीज व तीमारदार। संवाद
सेमरियावां। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां के मुख्य प्रवेश द्वार पर बारिश के बाद जलभराव और कीचड़ से मरीजों व तीमारदारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अस्पताल आने वाले लोगों को पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे लोगों में अस्पताल प्रशासन और जिम्मेदार विभागों के प्रति नाराजगी है।
30 शैय्या वाले सीएचसी सेमरियावां पर सेमरियावां ब्लॉक के अलावा बघौली, बेलहर कला और सांथा क्षेत्र के साथ ही बस्ती जनपद के साऊंघाट और रुधौली ब्लॉक के कई गांवों के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। करीब पांच लाख से अधिक आबादी इस अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर है।
प्रतिदिन करीब 400 से 500 मरीज इलाज के लिए यहां आते हैं। अस्पताल परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार पर जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से हल्की बारिश में ही पानी जमा हो जाता है। पानी के साथ कीचड़ होने से पैदल आने-जाने वाले मरीजों को सबसे अधिक परेशानी होती है। बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में तीमारदारों को काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। सीएचसी पहुंचे अबूजर चौधरी, इक़्तेदार अहमद, इरशाद अहमद, भोला और राज कुमार आदि ने बताया कि मुख्य गेट पर पानी भरने से अस्पताल आना-जाना मुश्किल हो जाता है।
लोगों ने बताया कि सीएचसी का एक गेट बंद रहता है, ऐसे में मरीजों और तीमारदारों को मुख्य गेट से ही आवागमन करना पड़ता है। जलभराव के कारण उन्हें पानी में घुसकर अस्पताल जाना पड़ रहा है।
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मुख्य गेट पर जलभराव की समस्या के संबंध में बीडीओ और एडीओ पंचायत को अवगत कराया जा चुका है। विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों को भी समस्या की जानकारी दी गई है। बारिश के पानी की निकासी की समस्या के कारण जलभराव हो रहा है। समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को फिर से अवगत कराया जाएगा।
-डॉ. सुरेश चंद्रा, अधीक्षक सीएचसी सेमरियावां