पानी न आने से सूखी पड़ी मैलानी के पास स्थित नहर।
संतकबीरनगर। इस समय मौसम तल्ख हो गया है। तेज धूप निकल रही है। ऐसे में गेहूं के फसलों को सिंचाई की बार-बार जरूरत पड़ रही है, लेकिन नहरों में पानी न आने से किसानों को फसल बचाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। किसानों ने नहरों में पानी छोड़ जाने की मांग की है।
जिले में रबी अभियान में 114002 हेक्टेयर में फसल बुआई की गई है। इसमें गेहूं 97350 हेक्टेयर, जौ 798 हेक्टेयर, चना 495 हेक्टेयर, मटर 5112 हेक्टेयर, मसूर 742 हेक्टेयर, सरसो 3440 हेक्टेयर, तोरिया 6024 हेक्टेयर, मक्का 21 हेक्टेयर व अलसी 17 हेक्टेयर शामिल है। वर्तमान समय में तेज धूप निकल रही है। अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में रबी की मुख्य फसल गेहूं की फसल प्रभावित हो रही है। बार-बार सिंचाई की जरूरत पड़ रही है, लेकिन कई नहरें अब तक सूखी पड़ी हैं। इसमें भाटपार से बनियाबारी होकर गुजरने वाली नहर के साथ मैलानी, खुदवा नाला आदि में पानी नहीं है। जिससे किसानों को सिंचाई के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
मजबूरी में किसानों को निजी संसाधनों से फसलों की सिंचाई करनी पड़ रही है। जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। केरमुआ के किसान राकेश कुमार, चकदही के जर्नादन आदि ने कहा कि नहरों में पानी न आने से सिंचाई के लिए परेशान होना पड़ रहा है और फसल सूख रही है।