धनघटा। धनघटा तहसील क्षेत्र में 10 वर्ग किलोमीटर लंबे ढड़वा ताल के सुंदरीकरण की योजना बनाने के लिए साल भर पूर्व सर्वे किया गया था। इस ताल में कमल की खेती के साथ पर्यटन की दृष्टि से भी बेहतर बनाने की योजना बनाई गई थी।
इसमें कमल की खेती के विकास की संभावना धूमिल दिख रही है। व्यासायिक दृष्टि से अनकूल कमल की प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए। दस किलोमीटर लंबा ताल चार दशक पूर्व निकट से गुजरने वाली सरयू नदी का हिस्सा हुआ करता था। प्रति वर्ष नदी के जल स्तर में वृद्धि के बाद ढड़वा ताल पानी से लबालब भर जाता था।
सरयू नदी पर एमबीडी तटबंध का निर्माण होने के बाद नदी व ताल के बीच संपर्क टूट गया। ताल में अब पानी पहुंचने का आधार सिर्फ वर्षा का पानी है। यह ताल पौली ब्लाक के शंकरपुर के निकट से शुरू होकर उमरिया बाजार तक पहुंचता है।
इसके विकास के लिए तकरीबन पांच करोड़ रुपये की जरूरत बताई गई थी। इसके तहत यहां पर बैठने के लिए पार्क आदि बनाए जाने थे। साथ ही ताल की सफाई कराए जाने के साथ सोलर प्लांट लगाया जाना था। लेकिन इसके बाद से प्रशासन ने कोई कवायद नहीं की, नतीजा यह हुआ कि यह मामला पूरी तरह से फाइलों में ही कैद होकर रह गया।