मेंहदावल। डीएलएड प्रशिक्षणार्थियों द्वारा चल रहे निपुण भारत मिशन के तहत हुए आकलन के दूसरे चरण में सोमवार को ब्लॉक के स्कूलों में 88 विद्यालयों में से 76 का निपुण आकलन पूरा हो चुका। 12 बचे विद्यालयों का सर्वे मंगलवार को होगा।
बीईओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में निपुण लक्ष्य हासिल करने का आकलन चल रहा है। इसके तहत अब आठ साल की उम्र के बच्चों को निपुण बनाना है। निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों को रट्टू-तोता बनाने की जगह उनके समझ बढ़ाने पर जोर है। इसके तहत हमें बच्चों में भाषा और संख्या की समझ विकसित करना है। स्कूल, अभिभावक और सरकार मिलकर रणनीति के तहत काम कर रहे हैं।
निपुण भारत मिशन का लक्ष्य बच्चों की पढ़ाई में सुधार, शिक्षण गुणवत्ता में सुधार, असमानता कम करना व विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को समान अवसर देना है। शनिवार को हुए आकलन में बनकसिया, बानडूमर, इमलीडीहा, इंदरपुर, जब्बार, जमोहरा और आज हुए आकलन में नटवा, नौंगों, सईंलंगडी समदा, समोगर व सांड़ें कला समेत 12 विद्यालयों पर आकलन टीम नहीं पहुंच सकने से आकलन नहीं हो सका। 76 विद्यालयों का निपुण आकलन पूरा हो चुका है।
उन्होंने बताया कि अनूप कुमार सिंह, प्रफुल्ल त्रिपाठी, निशांत त्रिपाठी, सर्वेश त्रिपाठी, उमाशंकर पाठक सभी एआरपी विद्यालयों पर चल रहे आकलन की प्रक्रिया में शिक्षकों और डीएलएड प्रशिक्षुओं का सहयोग करने के लिए विद्यालयों पर भ्रमण कर अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहे।