कांटे चौराहा जिसे विकसित किया जाना था
संतकबीरनगर। राम की नगरी अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को लुभाने के लिए हाईवे के प्रमुख चौराहों को विकसित करने की प्रशासन ने योजना बनाई थी, इसके साथ ही जिले की सीमा में प्रमुख स्थानों पर राम से जुड़ी मूर्तियां लगाने की भी योजना बनाई गई थी, लेकिन अब तक यह फाइलों में ही रह गई है। इससे इस मार्ग से होकर गुजरने वाले लोगों को अब भी समस्या से जूझना पड़ रहा है।
अयोध्या में श्रीराम मंदिर के उद्घाटन के बाद प्रशासन ने हाईवे को राम सर्किट से जोड़ने के लिए योजना तैयार की थी।
इसके तहत हाईवे के प्रमुख चौराहों के सुंदरीकरण और चौड़ीकरण की योजना थी। इसके साथ ही हाईवे के विभिन्न स्थानों पर श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान सहित अन्य की मूर्तियां लगाई जानी थी।
करीब 14 माह पूर्व बनी यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी है। इसके पीछे प्रशासन की मंशा थी कि अयोध्या जाने वाले पर्यटकों व श्रद्धालुओं को जिले में कुछ देर तक विश्राम करने का स्थान मिल जाए।
वैसे भी अयोध्या में भीड़ बढ़ने के बाद अक्सर मार्ग अवरुद्ध होता रहता है। जिससे लोगों को बीच में ही रूकना पड़ता है। ऐसे में यदि हाईवे के चौराहे विकसित हो जाए तो लोगों को ठहरने के लिए स्थान मिल जाएगा।
इसके साथ ही जो पर्यटक अयोध्या जाते है उन्हें श्रीराम की नगरी नजदीक होने का एहसास हो, लेकिन प्रस्ताव पर मुहर न लगने से समस्या बनी हुई हैं। लोगों का कहना है कि यदि चौराहे विकसित होते तो पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता था। इससे लोगों की रोजगार मिलता और आय में बढ़ोतरी होती।