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आज अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी छठ व्रती महिलाएं

Tue, 13 Nov 2018 12:17 AM IST
संतकबीरनगर
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आज अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी छठ व्रती महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। सूर्य की उपासना का पर्व डाला छठ सोमवार से शुरू हो गया। मंगलवार को व्रती महिलाएं जलाशयों के किनारे छठ वेदियों पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगी। इसके लिए छठ घाटों की सफाई, रंगाई-पुताई व सजावट का कार्य सोमवार को भी चलता रहा। इसके अलावा पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए बाजार में सुबह से शाम तक भीड़ लगी रही। 
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खलीलाबाद शहर में समय जी माता स्थान के पास स्थित पोखरे पर सर्वाधिक भीड़ होती है। यहां कई दिन से नगर पालिका प्रशासन तैयारी करा रहा था। शुगर मिल कॉलोनी, बिधियानी व गोला बाजार के पोखरे के पास साफ-सफाई की गई है। गोला बाजार में जन सेवा संस्थान के संरक्षक सर्वदानंद पांडेय, अध्यक्ष महेश गुप्ता की देखरेख में तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। मगहर में आमी नदी के किनारे शिव मंदिर से बाईपास तक घाट के किनारे प्रकाश की व्यवस्था की गई है। मेंहदावल में कुबेरनाथ, बखिरा में भंगेश्वरनाथ, हरिहरपुर क्षेत्र में तामेश्वर नाथ तथा कठिनइया नदी के किनारे और धनघटा क्षेत्र में सरयू नदी के तट पर बने छठ पूजा स्थलों की साफ-सफाई कराई गई।  उधर, छठ पूजा के लिए सामान खरीदने के लिए सुबह से ही बाजार में भीड़ थी। लोग बांस की बनी डलिया के अलावा नारियल, नींबू, फल, गन्ना, पत्ते सहित हल्दी, अदरक, कच्ची मूंगफली, गट्टा, बताशा, मिठाई आदि की खरीदारी में लगे थे।  पं. वाचस्पति द्विवेदी ने बताया कि छठ पूजा सुबह व शाम एक ही जगह पर होती है। मंगलवार की सायं काल डूबते सूर्य को अर्घ्य देने से पहले व्रती महिलाएं जिस जगह पर बैठकर पूजा करेंगी वहीं बुधवार की भोर में भी बैठेंगी। इसलिए व्रती महिलाओं को मंगलवार को सूर्यास्त से काफी पहले ही छठ वेदी के पास पहुंचकर पूजा के लिए जगह निर्धारित करना चाहिए।  
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