मेंहदावल। इन दिनों बुखार के साथ-साथ डेंगू और मलेरिया का खतरा बना हुआ है। स्कूली बच्चों पर भी इसका खतरा मंडरा रहा है। इसके चलते परिषदीय स्कूलों के बच्चों को बीमारियों से बचाव का पाठ पढ़ाया जाएगा। अध्यापक अभिभावकों के साथ बैठक कर बीमारियों के रोकथाम पर चर्चा करेंगे। साथ ही बच्चों को बचाव के उपाय बताऐंगे।
बीईओ महेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि क्षेत्र में 116 परिषदीय और एक कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय है। जिनमें करीब 15 हजार बच्चे पंजीकृत हैं।
कई स्कूल परिसर व उसके आसपास, घासफूस, जलभराव और कीचड़ भरी गंदगी की समस्या बनी हुई है।
इससे मच्छरों के पनपने का मौका मिलता है। इन दिनों वायरल फीवर और डेंगू समेत कई बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। इससे ग्रामीणों के साथ ही बच्चे भी इन बीमारियों के चपेट में आ सकते हैं। ऐसे में स्कूली बच्चों को भी जागरूक करने की कवायद शुरू हुई है।
परिषदीय स्कूलों में बच्चों को बीमारियों से बचाव का पाठ पढ़ाया जाएगा। प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि विद्यालय परिसर व उसके आसपास की जगह पर साफ-सफाई की व्यवस्था की जाए। शिक्षक, अभिभावक बैठक करेंगे। अभिभावकों को मौसमी बीमारियों के बारे के बचाव के बारे में बताया जाएगा।
बच्चों को फुल आस्तीन के कपड़े पहनाकर विद्यालय भेजने के लिए कहें जाने का निर्देश दिया गया है व शिक्षक बच्चों को कक्षा में बीमारियों से बचाव के उपाय बताएंगे।
जिन विद्यालयों के आसपास जलभराव है तो वहां प्रधानाध्यापक व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए ग्राम प्रधान व निकाय के प्रतिनिधियों से संपर्क करें व लार्वा रोधी दवा का छिड़काव कराएं।
स्कूलों में रखे गमलों में भी पानी एकत्र न होने दें। साथ ही मौके पर पड़े बोतल व टायर को भी वहां से हटवा दें।