संतकबीरनगर। अनियमित जीवनशैली से शरीर में हार्मोनल संतुलन बिगड़ रहा है। इस कारण लोगों में थायरॉइड की समस्या बढ़ रही है। इन दिनों अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 12,00 से अधिक आ रहे मरीजों में 20 से 25 के करीब थायरॉइड से पीड़ित मिलते हैं। इनका समुचित इलाज के साथ ही बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में फिजिशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि थायरॉइड की समस्या सभी उम्र के लोगों में बढ़ रही है। गर्दन में मौजूद थायरॉइड ग्रंथि जब बहुत अधिक या बहुत कम हार्मोन का उत्पादन करने लगती है, तो इसके कारण कई तरह की दिक्कतें शुरू हो जाती है। थायरॉइड के चलते मोटापा, बीपी, मधुमेह बीमारियों के अलावा लिवर, हृदय और ब्रेन प्रभावित होता है।
जीवनशैली और खान-पान की गड़बड़ी इन विकारों को बढ़ा सकती है। इससे बचाव के लिए सही आहार, नियमित व्यायाम फायदेमंद हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन 20 से 256 मरीजों में थायराइड की समस्या आ रही है। ऐसे में लोगों को इस पर विशेष ध्यान देना होगा।
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थायरॉइड से कैसे हो बचाव
- 30 की उम्र के बाद डॉक्टर की सलाह पर नियमित रूप से थायरॉइड टेस्ट कराते रहना चाहिए।
- आयोडीन युक्त भोजन (नमक, दही, केला, मछली), साबुत अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना चाहिए।
- नियमित व्यायाम की आदत बनाएं। सर्वांगासन, हलासन, भुजंगासन जैसे योग इस रोग में काफी फायदेमंद हैं।
- कम से कम सात-आठ घंटे की नींद जरूर पूरी करनी चाहिए।
- फास्ट फूड्स, ज्यादा तला-भूना खाना या मीठे पेय पदार्थों से बचना चाहिए।
थायरॉइड के लक्षण
- थकान और कमजोरी
- वजन बढ़ना
- सूखी त्वचा और बालों का झड़ना
- अवसाद और मनोदशा में बदलाव