गांजा तस्करी के तीन आरोपित गिरफ्तार, अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़
संतकबीरनगर। एसओजी और दुधारा पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार रात बस्ती-मेंहदावल मार्ग पर बाघनगर सीमा के पास से गांजा तस्करी के तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया। वहीं, गिरोह का सरगना पुलिस की पकड़ बच निकला। पुलिस ने आरोपितों की कार और ट्रक में रखा 357 किलो 700 ग्राम गांजा, तमंचा, कारतूस, पैन कार्ड, आधार कार्ड और 5850 रुपये बरामद किया। पकड़े गए आरोपित आंध्र प्रदेश से गांजा लाकर दिल्ली, बिहार के साथ ही गोरखपुर-बस्ती मंडल के जिलों में सप्लाई करते थे।
एसपी डॉक्टर कौस्तुभ ने बताया कि सूचना के आधार पर बुधवार रात में बाघनगर के पास से पुलिस टीम ने एक कार को रोक कर जांच की। जांच में बोरे में 139 किलो 200 ग्राम गांजा मिला। कार सवार लोगों की पहचान मोहम्मद मकसूद और सेराज अहमद के रूप में हुई। तलाशी में मोहम्मद मकसूद के पास से पैन कार्ड, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, 3550 रुपये नकदी और सेराज अहमद के पास से 1100 रुपये नकदी बरामद हुई। पकड़े गए अभियुक्तों की निशानदेही पर कुछ दूर आगे सड़क पर खड़े बिना नंबर की ट्रक में नर्सरी के बड़े-बड़े पौधों के नीचे छुपाकर रखे सात बोरे में 218 किलो 500 ग्राम गांजा बरामद हुआ। ट्रक के साथ वसीम अहमद निवासी धुसुरा थाना दुधारा पकड़ा गया। तलाशी में वसीम अहमद के पास से 315 बोर का तमंचा और कारतूस, 1200 रुपये नकदी, पैन कार्ड, आधार कार्ड मिला। पूछताछ में पकड़े गए अभियुक्तों ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है। जिसका सरगना सदन चौरसिया उर्फ सदन निवासी सेमरियांवा थाना दुधारा है। गैंग का सरगना कई वर्षों से अवैध गांजा के व्यापार में संलिप्त है। गैंग का सरगना पूर्व में गांजे के साथ दिल्ली के आस-पास पकड़ा गया था। उसी गैंग से वे लोग भी जुड़े हैं। आर्थिक लाभ के लिए गांजे की तस्करी करते हैं। सरगना सदन चौरसिया गांजे को आंध्र प्रदेश से उन लोगों के साथ लाता है। पूछताछ में पता चला कि कार पकड़े गए अभियुक्त मोहम्मद मकसूद के बहनोई की है। जबकि ट्रक पकड़े गए अभियुक्त वसीम अहमद का है। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि गाड़ी में रखे गांजे को हड़िया जनपद बस्ती से कांटे जनपद संतकबीरनगर के बीच ही छोटी गाड़ियों मे रखवाया जाता है। गैंग का सरगना अपने भांजे नीरज चौरसिया निवासी थाना नगर जनपद बस्ती के माध्यम से बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर व गोरखपुर समेत आस-पास के जनपदों में बिक्री के लिए भेजता है। दिल्ली और बिहार भी गांजे की सप्लाई करता है। अभियुक्तों ने बताया कि आंध्र प्रदेश से माल लाने का उन्हें पांच लाख रुपये भाड़ा मिलता है। इसके साथ ही मुनाफे की धनराशि से प्रत्येक चक्कर का दो लाख रुपये देता है। एसपी ने बताया कि बरामद गांजा की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करीब एक करोड़ 40 लाख रुपये है।
आईजी और एसपी ने पुलिस टीम को दिया 50 हजार रुपये ईनाम
एसपी डॉक्टर कौस्तुभ ने बताया कि सफलता हासिल करने वाली पुलिस टीम में एसओ दुधारा सर्वेश राय, हेड कांस्टेबल मोतीलाल, रमेश यादव, ओमप्रकाश यादव, इंद्रजीत यादव, प्रमोद सिंह, कांस्टेबल गणेश प्रसाद और एसओजी के हेड कांस्टेबल अनूप राय, विनोद यादव, कांस्टेबल ऋषिवेद तिवारी, प्रदीप कुशवाहा, मुनीर अहमद, रमेश यादव, मनोज कुशवाहा, अभिषेक सिंह शामिल रहे। आईजी बस्ती राजेश मोदक ने पुलिस टीम को 25,000 रुपये और एसपी संतकबीरनगर ने 25,000 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की।