संतबीरनगर। अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की अदालत ने 10 वर्ष पूर्व गैर इरादतन हत्या के आरोपी विनोद यादव, राजेश यादव और बलराम को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है।
दो मार्च 2016 को रात्रि करीब साढ़े तीन बजे हरेवा ग्राम थाना धनघटा में रामनाथ यादव की लड़की की शादी में द्वार पूजा के उपरांत सिंदूरदान कार्यक्रम के समय आरोपियों ने एक साथ मिलकर अंधाधुंध फायरिंग किया। जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों के बीच भय का माहौल पैदा हो गया था। हर्ष फायरिंग में वादी मुकदमा सिद्धेश्वरी के लड़के मोतीलाल की गोली लगने के कारण मृत्यु हो गई थी। मृतक के पिता वादी मुकदमा ने थाना धनघटा में रिपोर्ट पंजीकृत कराया। विवेचक ने विवेचना के उपरांत साक्ष्य के आधार पर तीनों आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत में आरोपियों ने आरोप से इनकार कर विचारण की मांग की। अभियोजन की ओर से मृतक की पत्नी, डऍक्टर, विवेचक सहित नौ गवाह परीक्षित कराए गए। अभियोजन पक्ष ने 15 प्रलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किए। इसके बावजूद अभियोजन पक्ष कथानक की पुष्टि नहीं कर पाया और साक्षियों ने अपने बयान से घटना और अभियोजन कथानक को पुष्ट नहीं किया। पक्षों की दलील सुनने और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों पर आरोप साबित नहीं पाए जाने पर संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने थाना अतरौलिया के ग्राम रतुआपार आजमगढ़ के आरोपी विनोद यादव, थाना राजे सुल्तानपुर इटाहिया जनपद अंबेडकरनगर के राजेश यादव और थाना जहांगीरगंज ग्राम बसहिया, अंबेडकरनगर निवासी बलराम यादव को दोषमुक्त कर दिया।